Friday, October 23rd, 2026

प्रेम विवाह रचाने से आहत पिता ने जीते-जी बेटी के पुतले का किया अंतिम संस्कार

रजरप्पा(रामगढ़)।  
दरअसल चितरपुर में रिश्ता को शर्मसार करते हुए एक चचेरे भाई-बहन ने आपस में ही प्रेम विवाह रचा लिया। इसके बाद आहत परिजनों ने पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार लारी के सिमरानाला घाट में कर दिया। परिजनों ने दोनों को घर परिवार से हमेशा के लिए अलग कर दिया। झारखंड के रामगढ़ में रिश्ते को कलंकित करने वाली घटना के बाद एक पिता ने जीते-जी अपनी बेटी के पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया। लड़की के पिता ने बाकायदा सिर भी मुड़ाया। मामला जिले के चितरपुर का है।

घटना से आहत लड़की के परिजनों का कहना हैं कि बेटी के इस गलत कारनामे से समाज में जो इज्जत थी, वो पूरी तरह से धूमिल हो गयी है। युवती अपने चचेरे भाई के साथ पिछले 28 फरवरी को भाग गई थी। इसके बाद परिजनों ने इसकी शिकायत रजरप्पा थाना को किया। युवक-युवती मंगलवार को रजरप्पा थाना पहुंचे और स्वेच्छा से भागने की बात कही। इसके अलवे दोनों ने शादी कर लेने की भी बात कही। उसके परिजन भी थाना पहुंचकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया।

इस बीच समाजसेवी चंद्रशेखर पटवा ने भी दोनों को सामाजिक दुहाई देकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवक-युवती शादी के लिए राजी थे। और वह पूर्व में ही लड़की को सिंदूर देकर शादी रचा लिया था। थाना में भी दोनों ने जीने मरने की कसमें खा ली थी। लड़की अपने पिता की भी बात मानने को तैयार नहीं थी। वह प्रेमी के साथ ही रहने के लिए राजी थी। अपने परिजनों की बात मानने को भी तैयार नहीं थी। तब उसके आहत पिता ने थाने में अपने बेटी से सारे रिश्ता तोड़ने की बात कहते हुए नदी के घाट में बेटीके पुतले का अंतिम संस्कार कर दिया ।

 

Source : Agency

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