Wednesday, July 22nd, 2026

‘नए भारत’ के ‘नए यूपी’ में नहीं होगा किसी विदेशी आक्रांता का स्मारक व मेलाः मुख्यमंत्री

बहराइच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा व कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और महाराजा सुहेलदेव को कभी सम्मान नहीं दिया, बल्कि भारत को रौंदने, बहराइच व मां पाटेश्वरी धाम को लूटने आए आए विदेशी आक्रांता सालार मसूद के नाम पर गाजी मियां का मेला लगाना शुरू कर दिया था। हमारी सरकार ने स्पष्ट किया कि ‘नए भारत’ के ‘नए यूपी’ में किसी विदेशी आक्रांता का स्मारक और उसके नाम पर मेला स्वीकार नहीं होगा। बहराइचवासियों ने गाजी के नाम पर होने वाले आयोजन को रोक दिया। सरकार व्यवस्था करेगी कि आगे भी गाजी के नाम पर नहीं, बल्कि महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य मेले व आयोजन हों।

मुख्यमंत्री मंगलवार को महसी व नानपारा विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 352 करोड़ रुपये से अधिक की 70 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बहराइच एस्पिरेशनल से अब इंस्परेशनल डिस्ट्रिक्ट बन रहा है। कभी सबसे पीछे रहने वाला बहराइच देश में अब अग्रणी भूमिका निभाता है। सीएम ने नीति आयोग के नए डेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट की रैंकिंग में बहराइच की नई पहचान स्थापित हुई है। यह बुनियादी ढांचे में पहले, कृषि में दूसरे व शिक्षा में चौथे स्थान पर है। बहराइच की इस उपलब्धि के लिए नीति आयोग ने अलग से जनपद को 21 करोड़ रुपये दिए हैं। 

सपा-कांग्रेस को गाजी मियां का मेला कराने से नहीं थी फुर्सत 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा व कांग्रेस को कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने और गाजी मियां का मेला लगाने से फुर्सत नहीं मिलती थी। महाराज सुहेलदेव ने गाजी मियां को ऐसी मौत दी थी, जिसे इस्लाम में सबसे खराब माना जाता है। एनडीए सरकार ने चित्तौरा में महाराजा सुहलदेव का भव्य स्मारक बनाया। जो कार्य 1947-48 में होना चाहिए था, वह कार्य मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने और यूपी में डबल इंजन सरकार आने के बाद हो पाया। 

बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर निर्माण के लिए 7000 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने बहराइचवासियों को विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि यहां महाराज सुहेलदेव के नाम पर मेडिकल कॉलेज, ऋषि बालार्क के नाम पर अस्पताल है। लखनऊ से बहराइच फोरलेन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 102 किमी. लंबे बाराबंकी-बहराइच एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन कॉरिडोर निर्माण के लिए 7000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। 115 करोड़ रुपये से घाघरा (सरयू) पर बाढ़ बचाव की 22 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। रुपईडीहा (नेपाल) सीमा पर इंडस्ट्रियल लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना तैयार है। बहराइच से खलीलाबाद रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य चल रहा है। गोरखपुर से शामली तक बनने वाला इकॉनमिक कॉरिडोर बहराइच से होकर ही जाएगा। इस इंफ्रास्ट्रक्चर से बहराइच उद्योग व निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा, जिससे नौजवानों को रोजगार/नौकरी मिलेगी।

अब बहराइच में दिखती है विकसित भारत की उज्ज्वल तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बहराइच में भी विकसित भारत की उज्ज्वल तस्वीर दिखती है। यहां कतर्नियाघाट की अनुपम प्राकृतिक धरोहर है। किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए जिन जनपदों में सर्वाधिक कार्य किया है, उसमें बहराइच भी है। डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया है, वह विधायक-सांसद आदि की दिनरात मेहनत के कारण संभव हो पाया है, क्योंकि ये लोग दिल्ली/लखनऊ में मजबूत पैरवी करते हैं। 12 कस्तूरबा विद्यालयों को अपग्रेड कर 12वीं तक किया गया है। 32 राजकीय नवीन हाईस्कूल व राजकीय इंटर कॉलेज, दो राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के निर्माण व उन्नयन कार्य, 2 मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की परियोजना चल रही है। साथ ही भरथापुर में दलित, वंचित व पिछड़ी जाति के 500 विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए नई कॉलोनी बन रही है। 

लंबी छलांग लगाने की तैयारी में बहराइच 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सर्वे बताते हैं कि बहराइच अब लंबी छलांग लगाने की तैयारी कर रहा है। जो क्षेत्र कभी भारत की सत्ता के संचालन का केंद्र हुआ करता था, वह पिछड़ा और बीमारू कैसे हो सकता था। दरअसल बीमारू मानसिकता के कारण तत्कालीन सरकारों ने बहराइच को पीछे धकेल दिया था, लेकिन डबल इंजन सरकार के कारण हर क्षेत्र में परिवर्तन आया। अब यूपी में उपद्रव नहीं, उत्सव है। अन्य प्रदेश के लोग अब यूपीवालों को शंका की दृष्टि से नहीं देखते, बल्कि गले लगाते हैं। काशी, अयोध्या, लखनऊ, नैमिषारण्य, बहराइच आने वाले लोग अब अभिभूत होकर लौटते हैं।

कभी देश के सबसे बीमार 100 जनपदों में शामिल था बहराइच
मुख्यमंत्री ने 9 साल पहले बहराइच की दुर्दशा का जिक्र किया, कहा कि यह जनपद हाथ फैलाने को मजबूर था। लैंड, सैंड, वन माफिया प्राकृतिक संसाधनों को लूटते थे, जिससे यहां के लोग बदनाम होते थे। सत्ता के संरक्षण में रहने वाले माफिया अनैतिक गतिविधियों का संचालन करते थे। यहां के नागरिकों व जनपद की आर्थिक स्थिति भी खराब थी। नीति आयोग ने जो रिपोर्ट जारी की थी, उसमें देश के सबसे बीमार 100 जनपदों में बहराइच भी शामिल था। 

कांग्रेस-सपा के एजेंडे में सिर्फ एक वंश व परिवार का विकास 
सीएम ने कहा कि बहराइच के बच्चों का असमय बीमारी की चपेट में आना चिंता का विषय़ था। जिसने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य, बालार्क ऋषि की साधना/सिद्धि, महाराजा बलभद्र सिंह चहलारी के बलिदान को स्मरण किया होगा, उसे बहराइच का बीमारूपन चिंतित करता था। लेकिन, सपा व कांग्रेस के एजेंडे में सिर्फ एक वंश, परिवार व स्वयं का विकास था। 

शाम 7 बजे के बाद सजती थी बबुआ की महफिल

सीएम ने कहा कि सपा सरकार के दौर में बबुआ 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तक तैयार होते थे। चच्चू बताते थे, फिर भी उनकी समझ में बात नहीं आती थी। 5 बजे जिम जाते थे और वहां से लौटने के बाद शाम 7 बजे महफिल जम जाती थी, जहां प्रदेश की योजनाएं समाप्त कर बंटाधार किया जाता था। उस दौरान यूपी के नौजवान, किसान, बहन-बेटी की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। त्योहारों के पहले उपद्रव होता था। तब सड़क, बिजली, आवास, राशन, आयुष्मान सुविधा तक नहीं थी। हालांकि पैसा पहले भी था, लेकिन नीयत साफ नहीं थी। महाभारत के रिश्तों वाले सैफई खानदान के चाचा, भतीजे, रिश्तेदार पैसे लूट लेते थे और किसी ने आवाज उठाई तो उसके घर पर कब्जा कर लिया जाता था। 

बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने पर जेल या जहन्नुम

सीएम ने प्रदेश में गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि अब चेहरा, जाति देखे बिना तत्काल मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पैसा दिया जाता है। हम तुष्टिकरण की नीति पर नहीं, बल्कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ भावना से काम करते हैं। अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस जारी रहेगा। बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम ही एकमात्र जगह होगी।

वन्यजीवों से बचाव के लिए बरतें सतर्कता

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में वन्यजीवों (टाइगर, लैपर्ड, मगरमच्छ, लकड़बग्घा आदि) का खतरा बना रहता है। इनके कारण हर वर्ष व्यापक जनहानि भी होती है, इसलिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सीएम ने प्रशासन व वन विभाग को निर्देशित किया कि पेट्रोलिंग बढ़ाएं, लाइटें व घरों में दरवाजे लगवाएं। सीएम ने अपील की कि लोग संवेदनशील स्थानों को लेकर सतर्क रहें। ऐसे स्थानों पर छोटे बच्चों को लेकर न चलें। वन्यजीवों से बचाव के लिए साथ में डंडा आदि रखें। सतर्कता से ही सुरक्षा होगी। ग्राम प्रधान, क्षेत्र व जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख के साथ ही विधायक, सांसद, पूर्व विधायक/पूर्व सांसद, चेयरमैन आदि जनप्रतिनिधि इस संबंध में बैठक कर लोगों को जागरूक करें। 

इस दौरान उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, सांसद आनंद गोंड, विधायक सुरेश्वर सिंह, रामनिवास वर्मा, अनुपमा जायसवाल, सुभाष त्रिपाठी, सरोज सोनकर, विधान परिषद सदस्य पद्मसेन चौधरी, प्रज्ञा त्रिपाठी, जिला पंचायत प्रशासक मंजू सिंह, पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड, पूर्व कैबिनेट मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय, अपना दल के जिलाध्यक्ष गिरीश पटेल आदि मौजूद रहे।

 

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Source : Agency

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