Thursday, October 22nd, 2026

मंत्रालय में गांधी की पुरानी प्रतिमा लगाने पर बवाल

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुरानी प्रतिमा को लेकर बवाल हो गया है। मंत्रालय में महात्मा गांधी की पुरानी प्रतिमा लगाने का मुद्दा विधानसभा में विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया। अग्रवाल ने कहा कि गुलाबी गांधी के चक्कर में सरकार पुरानी प्रतिमा का अनावरण करा रही थी। इसके लिए दो अधिकारियों को नोटिस भी दिया गया है।

शिवरतन शर्मा ने कहा कि पुरानी प्रतिमा स्थापित की गई और अनावरण मुख्यमंत्री से कराया गया। बिल कलाकार के नाम पर प्रस्तुत नहीं किया गया, बल्कि संस्कृति विभाग को पेमेंट किया गया। महात्मा गांधी के नाम पर भ्रष्टाचार करने में भी यह सरकार नहीं चूक रही है। अजय चंद्राकर ने कहा कि पिछले वर्ष गांधीजी के नाम पर सदन का सत्र हुआ। सरकार ने कहा था कि पूरे साल गांधी के नाम पर आयोजन किया जाएगा। गांधी पर एक भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया।

नारायण चंदेल ने कहा कि यह देश नहीं दुनिया की अनोखी घटना है। मंत्रालय जो प्रशासन का केंद्र बिंदु है, प्रदेश के लोग बड़ी आशा से जाते हैं और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का दर्शन करते हैं। वहां पर पुरानी मूर्ति को रंग रोगन करके लगाया जाता है। सीएम से उसका अनावरण कराया जाता है और फर्जी बिलिंग की जाती है।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार के काम दिखाने के अलग और करने के अलग हैं। गांधीजी की फोटो लगाने से गांधी के आदर्शों पर चलने वाली सरकार नहीं हो जाती है। भ्रष्टाचार की बात रोज आ रही है, लेकिन जिनके आदर्शों पर चलने की बात हो रही है और गांधी की मूर्ति पर ही भ्रष्टाचार हो तो यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। कहीं उपयोग किए गए मूर्ति को लेकर आना, उसको लगाना, मुख्यमंत्री से अनावरण कराना और भुगतान के बारे में गड़बड़ी करना, कभी नहीं हुआ। गांधी की मूर्ति के नाम पर किए भ्रष्टाचार से पूरा छत्तीसगढ़ शर्मसार है।

 

Source : Agency

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