कई विभागों ने शुरू की ग्रेडिंग और रैंकिंग की नई व्यवस्था, रेड जोन सबसे पुअर होगा
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विभाग वार जिला अधिकारियों की परफार्मेंस रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद कई विभागों द्वारा तैयार किए गए ग्रेडिंग सिस्टम में ग्रीन जोन को सबसे बेस्ट परफार्मेंस वाला बताया गया है। विभाग प्रमुखों ने इस जोन में अपना स्थान बनाने के लिए अफसरों को यह भी बताया है कि कैसे और किस सेक्टर में अच्छा परफार्म कर वे स्टेट लेवल पर अपने जिले को बेस्ट परफार्मर वाला जिला साबित कर सकते हैं। साथ ही अपने परफार्मेंस को भी ठीक कर सकते हैं।
कुछ विभागों ने रैंकिंग का जो सिस्टम तैयार किया है उसके अनुसार 0 से 40 प्रतिशत अंक वाले जिले और अफसर रेड जोन में आएंगे और यह सबसे पुअर परफार्मेंस माना जाएगा। इसके बाद 41 से 60 प्रतिशत अंक वाले जिले आरेंज जोन में होंगे और ये परफार्मेंस में पुअर से ठीक-ठाक कैटेगरी में माने जाएंगे। इसके बाद 61 से 80 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले जिलों और जिला अधिकारियों को ब्लू जोन में स्टेट लेवल पर तैयार की जाने वाली सूची में शामिल किया जाएगा।
ब्लू जोन में शामिल होने वाले अफसरों को ग्रीन जोन हासिल करने के लिए अधिकारी प्रोत्साहित करने का काम करेंगे जबकि इससे कमजोर परफार्मेंस वालों पर सख्ती की जाएगी। 81 से 100 प्रतिशत अंक लाने वाले ग्रीन जोन में शामिल होंगे।
हर विभाग की योजनाएं और प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। इसलिए विभागों ने अपने हिसाब से ग्रेडिंग और रैंकिंग वाली योजनाओं से अफसरों को अवगत कराया है। मसलन जनजातीय कार्य विभाग ने अधिकारी के लिए शुरुआती तीन टाइप तय किए हैं जिसमें पहला सिटिजन फेसिंग और दूसरा शिकायत निवारण व तीसरा फायनेंस मैजनमेंट है। सिटिजन फेसिंग में योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पब्लिक से सीधा संवाद और संपर्क रखा गया है। इसी तरह खनिज साधन विभाग और अन्य विभागों ने भी हर जिले के लिए रैंकिंग और ग्रेडिंग के नार्म्स जारी कर दिए हैं और उसी आधार पर परफार्मेंस चेक किए जा रहे हैं।

पाठको की राय