Wednesday, August 12th, 2026

धान खरीदी केंद्र में ₹1.31 करोड़ की गड़बड़ी, संस्था प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार

सक्ती.

धान खरीदी केंद्र पुटीडीह में धान की बोरियों में कथित रूप से मिट्टी मिलाकर शासन को करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई को गिरफ्तार किया है.

मामले में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी. अब जांच में जिम्मेदारी सामने आने के बाद दो अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. मामला 24 नवंबर 2025 का बताया जा रहा है. उस समय समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य चल रहा था. इसी दौरान प्रशासन को सूचना मिली कि पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में रात के समय धान की बोरियों में मिट्टी मिलाई जा रही है. सूचना पर जिला पंचायत सीईओ टीम के साथ देर रात मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान केंद्र में गंभीर अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया. प्रशासनिक जांच में खरीदी केंद्र में करीब 4200 क्विंटल धान की कमी सामने आने की बात कही गई.

आरोप है कि इस कमी की पूर्ति करने के उद्देश्य से धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर उन्हें भेजने की तैयारी की जा रही थी. कलेक्टर ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे. प्रारंभिक कार्रवाई में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हालांकि संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई का नाम उस समय एफआईआर में शामिल नहीं होने को लेकर सवाल उठे थे. मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद कार्यालय सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला सक्ती की ओर से 29 मई 2026 को एक और पत्र जारी किया गया.

इसमें संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई. इसके बाद अब डभरा पुलिस ने मामले में शशिकांत महंत और श्यामा बाई के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है. हालांकि कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य के संबंध में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. इस पूरे प्रकरण के बीच संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत द्वारा 6 अगस्त 2026 को मानवाधिकार आयोग में की गई शिकायत से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया. शिकायत में शशिकांत ने सक्ती कलेक्टर पर कथित रूप से टॉयलेट साफ कराने का गंभीर आरोप लगाया है.

शिकायत के साथ एक वीडियो दिए जाने की बात भी कही गई है, जिसमें शशिकांत टॉयलेट साफ करते दिखाई देने का दावा है. मामले में कलेक्टर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शशिकांत महंत पिछले करीब दो महीने से अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई से बचने के लिए विभिन्न प्रयास कर रहा था. कलेक्टर के मुताबिक उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई होगी. वीडियो को लेकर कलेक्टर का कहना है कि संबंधित व्यक्ति कहीं भी टॉयलेट साफ कर अपना वीडियो बनवा सकता है और प्रशासन उसकी हर गतिविधि की निगरानी नहीं कर सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन ने ऐसा कराया होता तो संबंधित व्यक्ति के पास उसका वीडियो कैसे पहुंचता. कलेक्टर ने पूरे आरोप को निराधार बताते हुए इसे कार्रवाई से बचने की कोशिश करार दिया.

 

#Paddy Procurement

Source : Agency

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