योगी सरकार का फैसला : यूपी की 56 नई नगर पंचायतों का शहरों जैसा होगा विकास
लखनऊ
राज्य सरकार प्रदेश की 56 नई नगर पंचायतों में शहरों जैसी सुविधाएं देने जा रही है। इसके लिए विकास की योजनाएं तैयार करने की दिशा में काम शुरू करा दिया गया है। नगर विकास विभाग का मानना है कि शहरी सुविधाएं देने के बाद नगर पंचायतों में रहने वालों के जीवन स्तर में सुधार होगा। ये नई पंचायतें 29 जिलों में हैं। राज्य सरकार आबादी बढ़ने के साथ ही ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा देती है। इसका मकसद इन क्षेत्रों में रहने वालों को बेहतर नगारिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रदेश में 56 नई नगर पंचायतें बनाई गई हैं। अब इन नगर पंचायतों में विकास के काम शुरू कराए जा रहे हैं। संबंधित नगर पंचायतों में विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कराए जाएंगे और इसके आधार पर पैसे की व्यवस्था की जाएगी।
विकास के ये काम होंगे
नई नगर पंचायतों को छोटे शहरों का दर्जा दिया जाएगा। इसलिए शहरों की तरह विकास के काम कराए जाएंगे। इसमें सड़क, नाली, नाला, सीवर के काम प्रमुख रूप से कराए जाएंगे, जिससे ये शहरों की तरह साफ-सुथरा दिखें। इसके साथ ही लोगों की सुविधाओं के लिए पार्क और पाथवे का निर्माण कराया जाएगा। पहले चरण में इन शहरों में नगर पंचायत भवन बनाने का निर्देश दिया गया है। भवन निर्माण होने के बाद नगर पंचायतों में कामकाज शुरू हो जाएगा।
होंगी 280 नई भर्तियां
नई नगर पंचायतों में नई भर्तियां भी होंगी। प्रत्येक नगर पंचायत में पांच-पांच कर्मियों को रखा जाएगा। इस हिसाब से कुल 280 भर्तियां होंगी। इसमें एक अधिशासी अधिकारी के अलावा अन्य चार कर्मियों को रखा जाएगा। नगर विकास विभाग जल्द ही नए पदों पर भर्ती के लिए पद सृजन के प्रस्ताव पर मंजूरी लेने जा रहा है।
यहां बनीं नई नगर पंचायतें
अलीगढ़ तीन, रामपुर तीन, शाहजहांपुर दो, कानपुर देहात तीन, आजमगढ़ दो, बस्ती दो, जौनपुर तीन, कुशीनगर पांच, महराजगंज तीन, प्रतापगढ़ तीन, संतकबीरनगर दो, सिद्धार्थनगर पांच, सोनभद्र दो, लखनऊ दो व कौशांबी दो और बदायूं, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, मैनपुरी, पीलीभीत, सहारनपुर, खीरी, बहराइच, बलिया, मऊ, सुल्तानपुर, वाराणसी, जालौन, गोरखपुर एक-एक नगर पंचायतें बनाई गई हैं।

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