WHO प्रमुख का बयान- वायरस फैलने की जांच के लिए चीन ने इंटरनेशनल टीम को अनुमति नहीं दे
अमेरिका
कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन द्वारा इंटरनेशनल विशेषज्ञों की एक टीम को एंट्री नहीं देने पर निराशा और गुस्सा दोनों व्यक्त किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधनोम गेब्रिएसस ने चीन पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ये बहुत ही निराशा की बात है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच करने के लिए चीन ने अभी भी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक टीम के प्रवेश को अधिकृत नहीं किया है, इससे केवल और परेशानी बढ़ेगी लेकिन ये बात चीन को समझ नहीं आ रही है। जहां गेब्रिएसस ने चीन को लेकर ये बात कही, वहीं दूसरी ओर उन्होंने कोरोना के खिलाफ जंगल लड़ रहे भारत की तारीफ की है।
उन्होंने इस बारे में एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग भी किया है। जिसमें टेड्रोस ने लिखा है कि 'भारत ने लगातार कोविड-19 महामारी को समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाना जारी रखा है। दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन के निर्माता के तौर पर देश काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर हम साथ मिलकर काम करते हैं, तो हम ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि प्रभावी और सुरक्षित वैक्सीन का इस्तेमाल हर जगह कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए किया जा सके।'
गौरतलब है कि इससे पहले भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत की तारीफ की थी , जब भारत में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया था, तब भी ट्रेड्रोस अधानोम ने कहा था कि भारत ने वायरस के जानलेवा दोखिम को पहचानते हुए पहले से ही सही कदम उठाए हैं, तो वहीं चीन ने सोमवार को अमेरिका के उस आरोप का जोरदार खंडन किया कि नोवेल कोरोना वायरस उसके यहां की एक प्रयोगशाला से लीक हुआ।
उसने कहा कि ऐसी संभावना है कि इस महामारी का प्रसार दुनिया में अलग-अलग स्थानों पर फैलने की वजह से हुआ है, ऐसे में हमारे ऊपर दोषारोपण करने का क्या मतलब है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन डब्ल्यूएचओ के साथ सहयोग को बड़ा महत्व देता है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि इस घातक वायरस की उत्पत्ति हमारे यहां हुई है। मालूम हो कि ऐसा कहा जा रहा है चीन के वुहान की लैब में दिसंबर 2019 में कोरोना वायरस पैदा हुआ था लेकिन चीन लगातार इस बात से इंकार करता आ रहा है।

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