Twitter विवाद का Koo ऐप को हुआ फायदा, कंगना रनौत, जयशंकर प्रसाद समेत इन बड़ी हस्तियों ने किया जॉइन
नई दिल्ली
भारत सरकार और सोशल मीडिया वेबसाइट के बीच चल रहे घमासान के बीच भारत का देसी ऐप 'कू' फायदा बटोरता दिख रहा है। बीतें दिनों इस ऐप पर आने वालों की संख्या बढ़ गई है। कई मशहूर नेता और बड़ी हस्तियां लगातार इस पर साइन-अप कर रहे हैं। असल में 26 जनवरी हिंसा को लेकर ट्विटर और सरकार के बीच बहस छीड़ी थी, जिसके बाद 'कू' नाम का ये ऐप पॉप्यूलर हो गया।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री जयशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, अनुपम खेर, संबित पात्रा, शिवराज सिंह चौहान, डीके शिवकुमार इस प्लेटफॉर्म का हिस्सा बन चुके हैं। जब से सरकार और ट्विटर के बीच चल रहा विवाद सार्वजनिक हुआ है। उसके बाद से ही 'कू' ऐप पर आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हर दिन एक लाख ज्यादा लोग इस ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं। ऐप को अब तक तीस लाख लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
अभिनेत्री कंगना रनौत भी इस ऐप पर मौजदू हैं. कुछ दिनों पहले ही अभिनेत्री ने ट्विटर छोड़ने के संकेत दिए थे. अभिनेत्री ने ट्विटर को छोड़कर भारतीय सोशल मीडिया एप Koo जॉइन करने की बात कही थी। बीते कुछ दिनों में कंगना रनौत को ट्विटर पर कई बार बंदिशों का सामना करना पड़ा है। कई बार ट्विटर की ओर से उनकी पोस्ट्स को हटाया गया है। इसके अलावा उनकी बहन रंगोली चंदेल के अकाउंट को हेट स्पीच को प्रमोट करने के लिए स्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है। कंगना रनौत ने बुधवार को ट्वीट किया, 'तुम्हारा समय समाप्त हो गया है ट्विटर। अब #kooapp पर शिफ्ट करने का समय है। जल्दी ही आप लोगों को अपनी अकाउंट डिटेल्स बताऊंगी। #kooapp के अनुभव को लेकर रोमांचित हूं।'
इसके अलावा एक और ट्वीट में कंगना रनौत ने भारत सरकार की ओर से सोशल मीडिया कंपनी को दिए गए आदेश पर ट्विटर के सीईओ जैक दोर्जी पर हमला बोलते हुए लिखा है, 'तुमको बनाया किसने है चीफ जस्टिस। तुमने गैंग सा बना लिया है। कई बार तुम खुद को संसद के गैर-निर्वाचित सदस्य जैसा मानते हो। कई बार तुम ही खुद को पीएम भी बताते हो? तुम आखिर हो कौन? ड्रगीज का ग्रुप हमें कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा है।' इस बीच बुधवार को एक ब्लॉग पोस्ट में ट्विटर ने कहा है, 'हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की वकालत करते रहेंगे।'
ट्विटर ने कहा, 'हम भारत में उन लोगों की तरफ से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की वकालत करते रहेंगे, जिनकी हम सेवा करते हैं। हम भारतीय कानून के तहत ट्विटर और उन अकाउंट्स को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जो प्रभावित हुए हैं। हम ट्विटर पर संवाद की रक्षा करने के लिए तत्पर हैं। हम इस बात में मजबूती से यकीन करते हैं कि ट्वीट्स का फ्लो बना रहे।'

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