बिहार में कोरोना की रोकथाम के लिए थ्री टी पर नजर
पटना
बिहार में कोरोना की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग और सिविल सर्जन की टीम की निगाह थ्री टी यानी ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर टिक गई है। मुंबई-महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडू, कर्नाटक और पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। प्रधान सचिव के निर्देश पर पटना जिले में उपरोक्त राज्यों से आनेवाले लोगों की कोरोना जांच होगी। ऐेसे में जो लोग इन राज्यों से आएंगे उनके लिए रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और बस स्टैंड पर शनिवार से जांच कैंप भी लगाए गए हैं। हालांकि मजिस्ट्रेट की तैनाती नहीं होने से बस स्टैंड पर कैंप काम नहीं कर पाया। सिविल सर्जन ने बताया कि ग्रामीण इलाके में इन राज्यों से आनेवाले लोगों की सूचना देने और जांच के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की भी मदद ली जाएगी। इसके अलवा पीएचसी प्रभारियों को भी इन राज्यों से आनेवाले लोगों की जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायकों की भी मदद
बाहर से आनेवाले लोगों को चिन्हित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायकों की भी मदद ली जाएगी। ऐसे लोग अगर पॉजिअिव आते हैं तो उनपर माइक्रो आइसोलेशन केंद्र अथवा उनको अपने घर में ही आइसोलेट करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पॉजिटिव पाए गए लोगों के इलाज का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। सिविल सर्जन ने कोरोना के दोबारा प्रसार होते देख पटना के लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। कहा कि लोगों को मास्क का प्रयोग और अनावश्यक बाहर नहीं निकलने के नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही जो लोग टीका लेने के योग्य हैं, उनको टीकाकरण केंद्र पर जाकर टीका लेना चाहिए।
पटना में 17 नए संक्रमित मिले
पटना में शनिवार को 17 नए कोरोना संक्रमित मिले। पिछले 24 घंटे में जिले में एक भी संक्रमित की मौत नहीं हुई। पटना में अब कुल संक्रमितों की संख्या 52987 हो गई है। इनमें 52383 लोग अबतक स्वस्थ हो चुके हैं। एक्टिव संक्रमितों की संख्या बढ़कर 169 पर पहुंच गई है। शनिवार को पीएमसीएच में 665 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट आई। इनमें पीएमसीएच में भर्ती एक मरीज समेत तीन पॉजिटिव मिले। वहीं एम्स पटना में कोई नया मरीज भर्ती नहीं हुआ। दो लोग स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। अब भर्ती कुल मरीजों की संख्या 22 हो गई है। एम्स पटना में शनिवार को 1095 लोगों की जांच रिपोर्ट आई। इनमें कोई पॉजिटिव नहीं मिला। कोरोना के नोडल पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि एम्स के माइक्रोबायोलॉजी लैब में पिछले 10 माह में अब तक कुल तीन लाख लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है। इनमें अबतक 8385 लोग पॉजिटिव आए हैं।

पाठको की राय