Thursday, October 22nd, 2026

बाघों की संख्या में बनेगा रिकॉर्ड, अगली गणना में हो सकते हैं 600 के पार

भोपाल
प्रदेश में बाघों की संख्या अगली गणना में 600 का विशाल आंकड़ा पार कर सकती है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश ने वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में एक नये रिकार्ड की तरफ अपने कदम बढ़ाए हैं। आंतरिक गणना में ये तथ्य सामने आए हैं कि प्रदेश में बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जल्द ही एक नया कीर्तिमान स्थापित होगा।   

बाघों का आकलन जो साल 2018 में किया गया था उसमें सीधी जिले के संजय दुबरी टाइगर रिजर्व में सिर्फ पांच बाघ ही काउंट किए गए थे लेकिन साल 2020 की आंतरिक गिनती में यहां 13 बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि यह गिनती उसी तकनीक से की जाती है, जो देशव्यापी आंकलन में इस्तेमाल होती है।

हाल ही में वन विभाग ने बाघों की आंतरिक गिनती की है इसमें प्रदेश के टाइगर रिजर्व में वर्ष 2018 की तुलना में औसतन 05 से 60 फीसद तक बाघों की बढ़ोत्तरी हुई है। तथ्यों के अनुसार प्रदेश के पांच नेशनल पार्क, 24 अभयारण्य और 63 सामान्य वनमंडलों में दो साल में सौ से ज्यादा बाघ बढ़े हैं। इसके अलावा 45 से ज्यादा शावक हैं, जो अगले साल गिनती शुरू होने तक एक वर्ष की उम्र पार कर लेंगे और राष्टÑीय स्तर पर होने वाली गिनती में शामिल हो जाएंगे। इससे बाघों की संख्या 660 के आसपास होगी।

मध्यप्रदेश और कर्नाटक में बाघों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं था महज दो ही बाघ एमपी के पास ज्यादा थे। जहां  साल 2018 में कर्नाटक में 524 बाघ थे वहीं मध्य प्रदेश में 526 बाघ गिने गए थे। ऐसे में वन विभाग को बहुत सावधानी बरतने की जरुरत है। क्योंकि बाघों की मौत भी एक चिंता का विषय बना हुई है।

 

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Source : Agency

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