इन शहरों में लग रही हैं टेक्सटाइल फैक्ट्रियां, यूपी में एक लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी
लखनऊ
रेडीमेड वस्त्र बनाने वाली फैक्ट्रियों में साल भर के अंदर प्रदेश के करीब 99 हजार युवाओं को रोजगार मिल जाएगा। इन युवाओं को वस्त्रोद्योग की निवेश व रोजगार योजना के तहत काम मिलेगा। इसके लिए निजी रेडीमेड वस्त्र बनाने वाली कंपनियां 940 करोड़ रुपये का निजी कर रही हैं। इसके लिए इन एक लाख युवाओं को प्रशिक्षण किया जा रहा है और उन्हें गोरखपुर, कानपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, जालौन, बदायूं, अमरोहा, गाजियाबाद में फैक्ट्रियां लग रही हैं।
99 हजार प्रशिक्षित किए जा रहे हैं
वस्त्रोद्योग विभाग ने निवेश व रोजगार के लिए 940 करोड़ के निजी निवेश के लिए एक्शन प्लान बनाया है। केंद्र सरकार की समर्थ योजना के तहत यूपिका 20160 लोगों को प्रशिक्षित कर रहा है। उद्यमिता विकास संस्थान लखनऊ द्वारा 30840 बेरोजगारों को प्रशिक्षित करने का काम किया जा रहा है जबकि खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग को भी 48 हजार लोगों को परिधान निर्माण व उससे जुड़ी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिलवा कर स्वालंबी बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
एमओयू के तहत कंपनियां देंगी रोजगार
यूपिका के क्षेत्रीय प्रबंधक व समर्थ के प्रभारी अखिलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि कोरोना काल में पंजाब , हरियाणा राज्य से 250 लोग भी प्रशिक्षण के लिए आए हैं। सभी को 300-300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्ष 2018 में इन्वेस्टर्स समिट में वस्त्रोद्योग से जुड़ी 66 निजी कंपनियों ने यूपी के साथ एमओयू किया था। एमओयू में प्रावधान किया गया है कि कंपनियां यूपी सरकार द्वारा समर्थ योजना में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देंगी। इन 66 यूनिटों में से 11 यूनिट ने काम चालू कर दिया है। 9 यूनिट में निर्माण मशीन का काम चल रहा है। 11 यूनिट को जमीन मिल गई है। पांच यूनिट अपने प्रोजेक्ट के लिए जमीन लेने में प्रयासरत हैं। साथ ही इन प्रशिक्षित युवाओं को हथकरघा समितियों व अन्य निजी कंपनियों में समायोजित किया जाएगा।

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