Thursday, October 22nd, 2026

स्वच्छता सर्वेक्षण : बढ़ते कोरोना संक्रमण ने रोका सर्वे टीम का रास्ता

भोपाल
स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के सर्वे की टीम कोरोना कल्चर के कारण इस बार देरी से आ रही है। इस टीम को इस माह के दूसरे सप्ताह में भोपाल में आना था,लेकिन कोरोना रिटर्न  होन ेसे इनका रूट बिगड़ गया है।   कोरोना का असर  भोपाल की स्वच्छता  के लिए होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण पर भी पड़ा है। जो काम जनवरी 2021 में पूरा होना था, वह अब मार्च  के अंतिम सप्ताह में पूरा करने की तैयारी है।

निगम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि इस टीम को 12 मार्च के करीब भोपाल आना था लेकिन जो फीडबैक आ रहे हैं, उसमें टीम का मूवमेंट गोपनीय रखा गया है। अंतिम लोकेशन चार दिन पहले देवास में थी जहां से टीम को इंदौर जाना था।  स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए फील्ड सर्वे के दौरान होने वाला सिटीजन फीडबैक भी 28 मार्च तक लिया जाएगा। कोरोना के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण का काम पिछड़ गया गया है। केन्द्र सरकार ने इसे देखते हुए टीम की नई टाइम लाइन तय की है। अगर इस दौरान कोरोना बढ़ता है तो फिर से गाइड लाइन बनेगी।  

सर्वे में देरी होने के कारण निगम ने सीवेज मैनेजमेंट पर फोकस किया है क्योंकि सड़कों पर बहने वाला सीवेज उसके लिए माइनस मार्किंग हो सकता है। इसके चलते शहर को दो एरिया में डिवाइड किया गया है और वहां के प्रभारियों को प्रापर वॉचिंग के लिए संसाधन मुहैया कराए जाएंगे ताकि किसी भी एरिया में सीवेज नालियों और सड़कों पर बहता न दिखे। अभी पुराने शहर में सीवेज की सफाई का सिस्टम गड़बड़ और और वहां के प्रभारियों के पास गाड़ी भी नहीं है जिसके कारण कई एरिया वॉच ही नहीं हो पाते हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण पिछड़ने का एक कारण गारबेज फ्री सिटी (जीएफसी) पोर्टल का शुरू नहीं होना भी है। अब तक पोर्टल चालू नहीं हो पाया। इस बार की रैटिंग में जीएफसी के 1100 अंक हैं। सूत्रों के अनुसार जल्द ही यह पोर्टल शुरू किया जा रहा है। इसके बाद सभी शहरों के काम के अनुसार अंक तय होंगे। संभावना है कि मई-जून तक स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के रिजल्ट आ जाएंगे।

 

#स्वच्छता सर्वेक्षण

Source : Agency

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