Thursday, October 22nd, 2026

परमबीर सिंह ने सीएम ऑफिस के सवाल पर की सनसनीखेज चिट्ठी लिखने की पुष्टि, उद्धव को भेजी जाएगी हार्ड कॉपी

मुंबई
मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के लेटर बम से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। अब परमबीर सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने ही वह सनसनीखेज चिट्ठी लिखी थी और उसे सीएम उद्धव ठाकरे के पास भेजा था। परमबीर सिंह ने यह भी कहा कि जल्द ही हस्ताक्षर वाले पत्र की एक कॉपी सीएम ऑफिस भी भेजी जाएगी।

सीएम ऑफिस ने उठाए थे सवाल
अपने लेटर में परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्होंने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वझे से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली इकट्ठा करने को कहा था। कुछ देर पहले सीएम ऑफिस ने परमबीर सिंह की चिट्ठी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें किसी दूसरी ईमेल आईडी से शनिवार को शाम 4 बजकर 37 मिनट मिली थी। यह उनका (परमबीर) ऑफिशल ईमेल अड्रेस नहीं था और लेटर पर उनके साइन भी नहीं थे। नए ईमेल अड्रेस की जांच की जरूरत है। गृह मंत्रालय उनसे संपर्क की कोशिश कर रहा है।

देशमुख ने दी मानहानि के केस की चेतावनी
इससे पहले मीडिया के सामने आए अनिल देशमुख ने कहा था कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। यह उन्‍हें बदनाम करने की साजिश है। सचिन वझे के गिरफ्तार होने के बाद कई दिनों तक परमबीर सिंह चुप क्यों थे, उन्होंने पहले क्यों बयान नहीं दिया। परमबीर सिंह को आरोपों को साबित करना होगा। वह उनके खिलाफ मानहानि का केस कर रहे हैं। विस्फोटक केस और मनसुख हिरेन की मौत की जांच को भटकाने के लिए परबीर सिंह ने साजिश रची है। सीएम उद्धव ठाकरे को उनके आरोपों पर एक निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।

परमबीर ने लेटर में किया था सनसनीखेज दावा
कुछ दिन पहले मुंबई के पुलिस कमिश्‍नर पद से हटाए गए परमबीर सिंह ने अपनी चिट्ठी में अनिल देशमुख पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। परमबीर सिंह का दावा है कि सस्‍पेंड पुलिसकर्मी सचिन वझे को देशमुख ने हर महीने मुंबई के बीयर बार और रेस्‍तरां से 100 करोड़ की वसूली करने का टॉरगेट दिया था। उन्‍होंने यह भी कहा कि वझे को कई बार देशमुख ने अपने बंगले पर बुलाया था। वझे को देशमुख ने राजनीतिक संरक्षण दिया हुआ था।

एंटीलिया और हिरेन केस की जांच NIA को
परमबीर सिंह को पुलिस कमिश्नर पद से हटाकर कमांडेंट जनरल ऑफ होम गार्ड्स (महाराष्ट्र) के रूप में तबादला किया गया है। एंटीलिया केस और स्कॉर्पियो कार मालिक मनसुख हिरेन की मौत के बाद यह फैसला लिया गया था। दोनों ही मामलों की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वझे इसमें जांच के घेरे में हैं।

'देशमुख ने जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने को कहा था'
पद से हटाए जाने के बाद ही परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, अडिशनल चीफ सेक्रेटरी और गर्वनर के प्रधान सचिव को पत्र भेजा था। अपने पत्र में परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख पर पुलिस अधिकारियों को अपने घर बुलाने और जांच दूसरी दिशा में मोड़ने को कहा था।

देशमुख के इस्तीफे की मांग
लेटर कांड के बाद विपक्षी दल बीजेपी उद्धव सरकार पर हमलावर हो गई है। बीजेपी ने अनिल देशमुख को पद से हटाते हुए उनके नार्को टेस्‍ट की मांग की है। पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई बीजेपी नेताओं ने अनिल देशमुख पर निशाना साधा है। फडणवीस का कहना है कि देशमुख को पद से हटाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे पूरे मामले की निष्‍पक्ष जांच करवाएं।

 

#परमबीर सिंह

Source : Agency

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