Saturday, October 24th, 2026

अब जमीन के मामलों को कम करने दाखिल-खारिज की प्रक्रिया होगी दुरुस्त

पटना
बिहार सरकार जमीन मामलों की समस्याओं को कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है. वहीं अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए भी नये कानून तैयार किये जा रहे हैं. जिसके तहत अब लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकेगी. वहीं जमीन के दाखिल-खारिज मामले में भी अब नियमों को मजबूत किया जा रहा है. नयी व्यवस्था के तहत अब सीओ आसानी से म्यूटेशन की अर्जी खारिज नहीं कर सकेंगे.

बिहार सरकार जल्द ही नयी व्यवस्था सामने ला रही है. जिसके तहत अब अंचलाधिकारियों को किसी भी रैयत की जमीन के दाखिल-खारिज की अर्जी को आसानी से ठुकराना आसान नहीं होगा. उन्हें अब दस्तावेज जमा करने के लिए आवेदक को सात दिन का समय देना होगा. एनआइसी ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सॉफ्टवेयर में काफी कुछ बदलाव किया गया है, जिसके बाद जमीन के दाखिल-खारिज में बहुत आसानी हो जायेगी.

राज्य में जमीन के रैयतों को अब नयी व्यवस्था के तहत 26 मार्च से काफी कुछ बदलाव मिल सकता है. अधिकारी के लिए अब म्यूटेशन के आवेदन को खारिज करना पहले के तरह आसान नहीं रहेगा. पहले सीओ लिखित रुप से ही आवेदन अस्वीकृत करने का कारण बताया करते थे. नयी व्यवस्था के तहत उन्हें अब सबकुछ डिजिटल माध्यम से ही बताना होगा. वहीं आवेदक को भी मैसेज के माध्यम से इसकी जानकारी दी जायेगी.

अब अधिकारी अगर किसी अन्य कारणों से भी अगर आवेदन को निरस्त करते हैं तो उन्हें उसका कारण बताना होगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब नयी व्यवस्था के तहत अधिकारी को कई कारणों की सूची सामने मिलेगी जिसमें उन्हें उक्त कारण को सेलेक्ट करना होगा. बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री रातसूरत राय का कहना है कि अगर आवेदक को एक मौका मिले तो कमियां दूर हो सकती है.

 

#जमीन

Source : Agency

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