निस्तारी पानी देने के बाद रेलवे ब्रिज के रुके निर्माण को शुरू कराने सिंचाई मंत्री को ज्ञापन
रायपुर
महानदी मुख्य नहर में लखौली के पास आधा -अधूरा पड़े रेलवे ब्रिज का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है जबकि ग्रामों से गंगरेल का पट खोल निस्तारी पानी देने की मांग उठना शुरू हो गया है। जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे को ज्ञापन सौंप रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने इस ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुये निस्तारी पानी देने के बाद ही निर्माण कार्य पुन: प्रारंभ कराने की व्यवस्था का आग्रह किया है।
ज्ञातव्य हो कि इस वर्ष गंगरेल में लबालब पानी भरे होने के बाद भी इस ब्रिज के निर्माण को हर हाल में पूरा किये जाने की रेलवे की जिद को देखते हुये लखौली से आगे रबी फसल हेतु पानी दिलाये जाने की? मांग को लेकर पहुंचे किसानों के प्रतिनिधि मंडल को चौबे ने विवशता जाहिर कर दी थी। ज्ञापन मे जानकारी दी गयी है कि बलौदाबाजार व भाटापारा शाखा नहर में सिंचाई सुविधा के विस्तार के मद्देनजर महानदी मुख्य नहर के 83 .35 किलोमीटर पर लखौली के पास रायपुर - वाल्टेयर रेलवे लाइन का पुराना रेलवे ब्रिज नंबर 54 बना हुआ है। इस ब्रिज के आगे पर्याप्त सिंचाई पानी उपलब्ध कराने करीबन 55 सौ क्येसेक पानी का नहर में प्रवाहित किया जाना आवश्यक है पर पुराने ब्रिज से आगे महज 35 सौ क्यूसेक के आसपास ही पानी प्रवाहित हो पा रहा था क्योंकि इससे अधिक पानी? प्रवाहित किये जाने की स्थिति में इस ब्रिज को खतरा था। ज्ञापन में आगे बतलाया गया है कि सिंचाई विभाग के मांग व खर्चे पर रेलवे ने 2633 . 75 लाख रुपये की लागत की ब्रिज पुनर्निर्माण हेतु निविदा स्वीकृत की। इस राशि में से 2502. 06 लाख रुपये सिंचाई विभाग द्वारा नाबार्ड से ऋण लिया गया है। स्वीकृत निविदा के अनुसार इस निर्माण कार्य को सन् 2018 के 25 अक्टूबर को शुरू कर सन् 2020 के 24 अप्रैल तक पूरा किया जाना था पर रेलवे के अनुसार शुरू किया गया काम सन् 2019 - 20 के कृषि सत्र में किसानों की मांग पर कनकी क्रास रेगुलेटर तक रबी पानी देने की? वजह से पूरा नहीं हो पाया था। निविदा के शर्तों के चलते संभावित वैधानिक समस्याओं को देखते हुये रेलवे द्वारा हर हाल में इस साल निर्माण कार्य पूर्ण कराने की जिद के चलते बीते साल की 6 अक्टूबर को प्रतिनिधि मंडल से रबी पानी न दे पाने की चौबे द्वारा व्यक्त किये गये विभागीय विवशता का स्मरण दिलाते हुये अभी तक कार्य शुरू न किये जाने से निस्तारी पानी न मिलने की आंशका को ले ग्रामीणों में व्याप्त हो रहे आक्रोश की ओर चौबे का ध्यानाकृष्ट किया गया है।
ज्ञापन में रेलवे ठेकेदार द्वारा अभी तक महज निमार्णाधीन ब्रिज के पहले अभनपुर की ओर नहर पानी रोकने नहर से अस्थायी दीवार बनाये जाने की जानकारी देते हुये बतलाया गया है कि मिली जानकारी के अनुसार कार्य शुरू करने के पहले रेलवे के किसी विभागीय अधिकारी के निरीक्षण के प्रतीक्षा में पुन: काम शुरू नहीं हो पाया है। निस्तारी पानी की आवश्यकता के मद्देनजर प्राथमिकता के आधार पर पानी दिलवाने व फिर इसके बाद मई - जून में निर्माण कार्य कराये जाने की व्यवस्था कराये जाने का आग्रह चौबे से किया गया है। ज्ञातव्य हो कि बीते 6 अक्टूबर को रबी पानी की मांग को ले किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा , सिंचाई पंचायत के अध्यक्ष रहे गोविंद चन्द्राकर, चिंताराम वर्मा, हिरेश चंद्राकर, थानसिह साहू, धनीराम साहू के साथ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता साहू व कठिया के सरपंच रूपेन्द्र वर्मा आदि ने चौबे से मुलाकात की थी।

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