बिहार में बक्सर के इस गांव में होली पर सदियों से जारी है ये खास परंपरा, ग्रामीण नहीं करते मांसाहार भोजन
कृष्णाब्रह्म (बक्सर)।
रंगोत्सव एवं आनंदोत्सव पर्व होली के दिन बिहार के बक्सर जिले का एक गांव ऐसा भी है जहां आज भी सदियों से एक परंपरा आज भी कायम है। दरअसल जिले का सोवां एक ऐसा गांव है जहां पूरे गांव के लोग पर्व के दिन मांसाहारी भोजन से परहेज करते हैं।
सोवां गांव में होली के दिन अद्भूत नजारा देखने को मिलता है। दोपहर तक रंगों से होली खेलने के बाद सभी लोग नए कपड़े पहन गांव के पूरब स्थित पौराणिक बाबा भूवरनाथ शिव मंदिर में अबीर चढ़ाते हैं। उसके बाद एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर लोग आपस में गले मिलते हैं। ग्रामीणों की जुटी भीड़ के चलते मंदिर के पास का नजारा बहुत ही वृहंगम व मनोरम होता है।
सबसे खास बात यह है कि होली के दिन ग्रामीण मांसाहार का सेवन नहीं करते हैं, बल्कि घर में बने पुआ-पुरी जैसे पारंपरिक पकवान खाते और खिलाते हैं। गांव के गुप्तेश्वर यादव, विकास सिंह, उपेन्द्र साह, अनिल कुशवाहा आदि ने बताया कि गांव के पूर्वजों द्वारा शुरू की गई यह प्रथा हमारी सभ्यता और संस्कृति को मजबूती प्रदान करती है। साथ ही लोगों को एक सूत्र में पिरोकर भाईचारे के साथ प्रेम पूर्वक जीवन जीने की सीख भी देती है।

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