Thursday, October 22nd, 2026

हरियाणा सरकार ने किया ऐलान- सभी सरकारी स्कूलों में होगी मुफ्त पढ़ाई 

चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने ऐलान किया है कि, प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में 12वीं तक अब मुफ्त पढ़ाई होगी। इसके अलावा यहां सरकारी स्कूलों में IT शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर डिजिटल क्लासरूम के लिए 700 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बजट 2021 पेश करते हुए ये घोषणाएं कीं। खट्टर ने शुक्रवार को 2021-22 के लिए 1,55,645 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस दौरान उन्होंने कहा, "9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी, जिसके लिए 192 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। साथ ही विशेष शिक्षा क्षेत्र (SEZ) बनाकर केवल छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए 114.52 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। किताबी पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षा में अब संस्कार, प्रशिक्षण और रोजगार भी शामिल होगा।"
 
मुख्यमंत्री मनोहर लाल एजुकेशन सेक्टर के लिए 18,140 करोड़ रुपए का बजट लाए। जिसमें से 9014 करोड़ प्राथमिक शिक्षा, 5,899 करोड़ रुपये माध्यमिक और 2,793 करोड़ रुपये उच्च शिक्षा पर खर्च करने की बात कही। इसके अलावा 705 करोड़ रुपये का प्रावधान उन्होंने तकनीकी शिक्षा के लिए करने की बात कही। देखा जाए तो पिछले बजट की तुलना में इस बार के शिक्षा बजट में 17.8 करोड़ की बढ़ोतरी की गई।
 
मुख्यमंत्री ने कहा है कि, सरकारी स्कूलों में IT आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए डिजिटल टैबलेट और डिजिटल क्लासरूम का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि, हमारी सरकार का लक्ष्य 2025 से पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर देश के शिक्षा क्षेत्र में एक अलग स्थान हासिल करना है। उन्होंने कहा- ''आरोही, कस्तूरबा गांधी व मेवात मॉडल स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूल के स्तर पर अपग्रेड कर एक किया जाएगा।''
 
मुख्यमंत्री का कहना है कि, हिसार और करनाल में भी सुपर-100 कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा। जिसके तहत JEE/NEET परीक्षा में उपस्थित होने वाले होशियार विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाती है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, छात्रों को एक ही जगह पर सबकुछ मिलेगा।
 
सरकार अब ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है जहां बच्चे नर्सरी (KG) से स्नातकोत्तर (PG) तक की पढ़ाई एक ही छत के नीचे कर सकेंगे। इसके लिए इस साल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और रोहतक के महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी को 20 करोड़ रुपये की राशि आवंटित कर भी दी गई है। जहां एक ही संस्थान में शिक्षा के सभी स्तरों तक पहुंच सकते हैं, जो छात्रों का विकास करने के साथ-साथ ड्रॉपआउट दर को भी कम करेगा।

 

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Source : Agency

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