प्रदेश में सातवें स्थान पर ग्वालियर, पुलिस डाल रही रोड़ा
ग्वालियर
गरीबों के राशन वितरण में ग्वालियर जिला प्रदेश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। यहां तक पहुंचने के लिए प्रशासन से लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अफसरों ने भले ही भाग-दौड़ की हो, लेकिन पुलिस ने रोड़ा डालने में कमी नहीं छोड़ी। ग्वालियर के घाटीगांव में राशन वितरण करने वाले ट्रकों को पिछले तीन दिन से पुलिस रोक रही है। इसके पीछे कारण, नो एंट्री और ट्रैफिक समस्या बताई जा रही है।
सवाल यह है कि अभी तक नो एंट्री और ट्रैफिक समस्या कहां थी और यह पीडीएस सप्लाई के वाहन हैं, जिन्हें जानने के बाद भी रोका जा रहा है। इस मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ग्वालियर पुलिस को शिकायत की है। यहां सबसे बड़ी चिंता यह कि ग्वालियर की राशन वितरण की प्रगति में पुलिस की मनमानी बड़ी बाधा बन सकती है, क्योंकि राशन वितरण को लेकर मुख्यमंत्री खुद मानीटरिंग कर रहे हैं।
ज्ञात रहे हर माह जिले की 555 दुकानों पर राशन वितरण किया जाता है। शासन द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से वेयरहाउस तक राशन मंगवाया जाता है। इसके बाद यहां से नियुक्त राशन ट्रांसपोर्टरों के जरिए राशन दुकानों पर पहुंचता है। हर माह की एक तारीख से राशन के पात्र परिवारों को वितरण करना शुरू किया जाता है। ग्वालियर में हर महीने मुख्यमंत्री आर्शीवाद योजना और अन्न उत्सव के तहत भी राशन वितरण किया जाता है।
मार्च महीने में अब तक ग्वालियर में 50 फीसद राशन वितरण दुकानों को हो चुका है। नौ दिनों में आधा कवर करने के पीछे कारण यह कि 6 मार्च को मुख्यमंत्री आर्शीवाद योजना के तहत 3600 लोगों को राशन वितरण किया गया। इसके बाद सात मार्च से अन्न् उत्सव चार दिन तक मनाया जा रहा है। अन्न् उत्सव में हर दुकान पर नोडल अधिकारियों की निगरानी में राशन बांटा जाता है। यही कारण है कि इन दिनों में राशन वितरण की अच्छी खासी रफ्तार बन जाती है।
मार्च के शुरुआती दिनों में ग्वालियर में राशन वितरण करने वाले ट्रांसपोर्टर सतीश जैन ने लेटलतीफी की तो जिला प्रशासन के अधिकारियों को सख्ती करना पड़ी। ट्रांसपोर्टर के कारण आर्शीवाद योजना और अन्न् उत्सव प्रभावित हो सकते थे। वहीं अब घाटीगांव में पुलिस ने राशन वितरण के ट्रकों को रोकना शुरू कर दिया है जिससे ट्रक माल लेकर खड़े हुए हैं और वितरण नहीं कर पा रहे हैं। पिछले तीन दिन से यही हालात है।

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