Thursday, October 22nd, 2026

लोककला-संस्कृति को आगे बढ़ाने में सरकार की अहम्भूमिका - लखमा

नारायणपुर
बस्तर की कला, संस्कृति और बस्तर को अब लोग जानने-पहचानने लगे हैं। लोग अब अबूझमाड़ को यहां की गौरवषाली परम्परा के नाम से जानने लगे हैं।  माता मावली मेला बस्तर का सबसे प्राचीन मड़ई-मेलों में से एक है। बस्तर अंचल में मड़ई-मेले को एक उत्सव के रूप में मनाया जाता है, मैं पहले से ही माता मावली की धरा पर आयोजित होने वाले मेले में शामिल होता रहा हूं। उक्त बातें वाणिज्यक कर, आबकारी एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने माता मावली मेला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के आसंदी से कही। कार्यक्रम में मंत्री लखमा ने जिले का नाम पूरे देश में रौशन करने वाले मलखंब के खिलाडियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया और उनके प्रदर्शन की सराहना की।

हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक चंदन कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदिवासियों की भलाई के बारे में सोचने और इस पर अमल करने वाले मुख्यमंत्री है, जिन्होंने प्रदेश के आदिवासियों की स्वास्थ्य, षिक्षा के साथ ही आर्थिक, सामाजिक स्थिति बेहतर करने के लिए कई योजनाएं संचालित की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के कला एवं परम्परा को जीवित रखने के लिए राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी लोग अपनी लोक, कला और संस्कृति को सहज कर रखें, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी कला, संस्कृति पर गर्व कर सके।

बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद दीपक बैज ने अपने उद्बोधन में कहा कि यहां के आदिवासी लोग देवी-देवताओं को मानने वाले लोग हैं और अंचल के लोगों पर माता मावली का आषीर्वाद हैं। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा माता मावली मेला में की गयी अनोखी पहल स्थानीय नर्तक दलों को मंच प्रदान करने, शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को देने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी, स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच प्रदान करने, बिहान बाजार, गोधन उत्पादों की बिक्री आदि की सराहना की। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्यामबती नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मांझी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को जिला प्रशासन द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। आभार प्रदर्शन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राहुल देव ने किया। 

 

#लोककला-संस्कृति#लखमा

Source : Agency

पाठको की राय