बहन से बात करने का विरोध करने पर दोस्त ने दोस्त का किया अपहरण फिर मार डाला
अलीगढ़
अलीगढ़ के खैर थाना क्षेत्र में एक आईटीआई छात्र की उसी के दोस्तों ने अपहरण के बाद हत्या की और फिर परिजनों से 20 लाख की फिरौती मांगी थी। आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए शुक्रवार को पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। सामने आया कि एक दोस्त मृतक की बहन से बातचीत करता था इसका विरोध करने पर वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस लाइन सभागार में एसपी ग्रामीण शुभम पटेल व एएसपी विकास कुमार ने बताया कि 22 मार्च को खैर क्षेत्र के आईटीआई छात्र सुरेंद्रपाल के अपहरण का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया गया। परिजनों की ओर से शक जताने पर गांव के भूपेन्द्र सिंह से गहनता से पूछताछ की तो उसने छात्र की हत्या स्वीकारते हुए बताया कि उसने अपने गांव के ही रहने वाले दोस्त रिंकू, मथुरा निवासी उसके मामा रतन सिंह व गुड़गांव में साथ ठेकेदारी करने वाले मध्यप्रदेश निवासी राहुल को साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है।
भूपेंद्र ने बताया कि सुरेंद्र ने शिवकुमार उर्फ रिंकू को अपनी बहन से फोन पर बात करते देख लिया था। इस पर से नाराजगी जताते हुए बात बंद करने को भी कहा। नहीं मानने पर परिजनों से शिकायत की बात कही। उस समय रिंकू ने गलती मानकर सुरेंद्र से माफी ली। लेकिन रिंकू ने सुरेंद्र को रास्ते से हटाने का षडयंत्र रचा और कहा कि सुरेंद्र का अपहरण कर 20 लाख रुपए की फिरौती मांगेंगे और आपस में बांट लेंगे। रिंकू व भूपेंद्र ने अपने दो अन्य दोस्तों राहुल और रतन की मदद से सुरेंद्रपाल को शराब पार्टी दी। उसके बाद पांचों ने शराब पी।
सुरेंद्र जब शराब के नशे में धुत हो गया तो चारों ने सड़क के किनारे सुनसान जगह पर गाड़ी खड़ी कर सुरेन्द्र के हाथ पांव पकड़े और गमछे से गला दबाकर हत्या कर दी। गाड़ी से लाश को ठिकाने लगाने के लिए रतन सिंह के गांव वेदना पहुंचे। ट्यूबवेल से फावड़ा उठाकर यमुना नदी के किनारे गड्ढा खोदा और सुरेन्द्र की लाश को ठिकाने लगा दिया। आरोपियों ने सुरेन्द्र के परिजनों से अगले दिन 20 लाख रुपये की फिरौती का मैसेज किया था। यह तय किया था कि जो पैसा मिलेगा वह चारों लोग आपस मे बांट लेंगे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर शव को मथुरा से बरामद कर लिया है।

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