बिहार पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के नाम और चिह्न वाले पत्र को नुकसान पहुंचाने पर होगी जेल
पटना
बिहार में पंचायत चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों में प्रत्याशियों के नाम और सिम्बल को लेकर ईवीएम पर चिपकाये गये शीट (मतपत्र) को नुकसान पहुंचाने या उसे ले जाने पर एक साल की जेल हो सकती है। कोई व्यक्ति, जो मतदान केंद्र से उक्त शीट को अनधिकृत रूप से लेता है या लेने का प्रयास करता है तो उसे सजा हो सकती है। अगर कोई ऐसे कार्य को करने में जानबूझ कर सहायता करता है या करने के लिए दुष्प्रेरित करता है, तो उसे भी एक वर्ष तक के कारावास या पांच सौ रुपये तक के जुर्माने या दोनों की सजा हो सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर इसे आदर्श आचार संहिता में शामिल किया है।
आयोग के अनुसार यदि मतदान केंद्र के पीठासीन पदाधिकारी को ऐसा विश्वास करने का कारण हो कि कोई व्यक्ति दंडनीय अपराध कर रहा है या कर चुका है, तो वह उस व्यक्ति के मतदान केंद्र छोड़ने से पहले गिरफ्तार कर सकता है। वह पदाधिकारी उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए आरक्षी पदाधिकारी को निर्देश दे सकता है और उस व्यक्ति की तलाशी ले सकता है या किसी सुरक्षा अधिकारी द्वारा उसकी तलाशी करवा सकता। आयोग के अनुसार परंतु जब किसी महिला की तलाशी लेना आवश्यक हो, तो मर्यादा का पूर्ण ध्यान रखते हुए अन्य महिला द्वारा तलाशी करायी जा सकती है। आयोग के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति की तलाशी पर पाए गए किसी मतपत्र को पीठासीन अधिकारी द्वारा पुलिस अधिकारी को सुरक्षित रखने के लिए दिया जाएगा। अगर जब पुलिस अधिकारी द्वारा तलाशी की जाएगी तो, उसे स्वयं अपनी सुरक्षा में रखेगा।

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