बिहार में दिसंबर तक पूरा होगा 16 इंजीनियरिंग कॉलेजों का निर्माण: मंत्री अशोक चौधरी
पटना
विधानसभा में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने पांच हजार 321 करोड़ 40 लाख का बजट प्रस्तुत किया. यह हंगामा और विपक्ष के वाकआउट के बाद ध्वनिमत से पारित हो गया. मंत्री ने कहा कि सात निश्चय के तहत राज्य के 31 जिलों में अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) स्थापित करने की योजना है.
इनमें शेखपुरा, वैशाली, पश्चिम चंपारण, मुंगेर, लखीसराय, मधुबनी, औरंगाबाद, खगड़िया, समस्तीपुर, शिवहर, किशनगंज, जहानाबाद, अरवल, आरा, सीवान एवं नवादा में इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण दिसंबर 2021 तक पूरा हो जायेगा. इस बार नौ इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण पूरा हो चुका है.
इसके अलावा 10 पॉलिटेक्निक कॉलेज का निर्माण इस बार पूरा हो चुका है, जबकि 21 पहले से निर्मित हैं. इस तरह 31 राजकीय पॉलिटेक्निक का निर्माण पूरा हो चुका है. इसी तरह 67 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 21 का निर्माण पूरा हो चुका है.
उन्होंने कहा कि एनडीए के इस 15 साल के शासनकाल में पर्यावरण के अनुकूल आधुनिक भवनों का निर्माण कराया जा रहा है. भूमि उपलब्धता की कमी को देखते हुए अब कम स्थान का ज्यादा -से- ज्यादा उपयोग कर भवनों का निर्माण कराने की योजना पर खासतौर से ध्यान दिया जा रहा है.
उन्होंने विपक्षी सदस्यों को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लंबे समय तक जिन लोगों ने यहां शासन किया, उन्होंने दलितों के साथ सिर्फ अन्याय किया. सिर्फ उनके नाम पर राजनीति की, लेकिन उनका कल्याण नहीं किया.
मंत्री ने कहा कि गर्दनीबाग आवासीय परिसर में 52 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से मंत्री आवास, 443 करोड़ 62 लाख की लागत से पदाधिकारी आवास, 120 करोड़ 43 लाख की लागत से तृतीय श्रेणी कर्मी आवास और 249 करोड़ 90 लाख से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के आवास बनाये जा रहे हैं. पटना में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी का निर्माण कराया जा रहा है.

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