नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर जुटेंगे बोर्ड ऑफ स्टडी के चेयरमैन
जबलपुर
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में मंथन शुरू हो गया है लेकिन सबसे पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय इस पर बोर्ड आफ स्टडीज के सदस्यों की बैठक करने जा रहा है। सभी बोर्ड ऑफ स्टडी के चेयरमेन इस विचार मंथन में सहभागिता करेंगे। प्रशासन द्वारा नई शिक्षा नीति को लेकर छात्र-छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पाठ्यक्रम का प्रारूप कैसा तैयार किया जाए, छात्रों के चरित्र का निर्माण, भारतीय इतिहास परंपरा जैसे बिंदुओं पर चर्चा इस दौरान की जाएगी। कुलपति प्रोफेसर कपिल देव मिश्र की अध्यक्षता में यह पहली बैठक होने जा रही है जिसे लेकर सभी आवश्यक तैयारियां विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई है।
कुलपति प्रोफेसर मिश्र ने बताया कि मध्य प्रदेश में है पहला प्रयास है जिसके तहत बोर्ड ऑफ स्टडी के सभी विषयों के चेयरमैन एक साथ शामिल होकर बैठकर पर सामाजिक चुनौतियों, छात्रों के शिक्षण स्तर पाठ्यक्रमों और आत्मनिर्भर भारत के एजेंडे को लेकर चिंतन करना है। आत्मनिभर भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य ज्ञान कौशल, चरित्र और संस्कार को पाठयक्रम में समाहित करना है। जिसमें स्थनीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए फिर प्रादेशिक, राष्ट्रीय एवं वैश्वेविक स्तर पर इसे जोड़ा जाएगा।
बताया जाता है शिक्षा नीति मैं आवश्यक बदलाव आदि को लेकर सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं लेकिन अभी तक बोर्ड ऑफ स्टडी के अध्यक्षों के साथ किसी भी विश्वविद्यालय में इस तरह की बैठक आयोजित नहीं की गई है। यह बैठक विश्वविद्यालय के काउंसिल हॉल में बुलाई गई है। हाल ही में यूनिवर्सिटी ने कई बोर्ड आफ स्टडीज के चेयरमेन की नियुक्ति दी है जिन्हें नर्ई शिक्षा नीति से जुड़े पाठ्यक्रमों को लेकर पहले ही अवगत कराया जा चुका था।

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