Saturday, October 24th, 2026

बोचहां में भाजपा नेता की हत्या, पलंग से बंधी हुई मिली लाश

मुजफ्फरपुर 
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां में संघ के संस्थापक सदस्य सह पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह (82) की शुक्रवार रात हत्या कर दी गई। उनकी लाश घर में पलंग पर औंधे मुंह पड़ी थी। हाथ पलंग से बंधा था। मुंह को कपड़े से बांधकर लोहे की खंती से सिर पर वार किया गया था। हत्या के बाद कमरे में रखे बक्से, अलमारी व संदूक को तोड़कर सामान बिखेर दिया गया था। आशंका है कि अपराधी पीछे की दीवार से घर में घुसे और मुख्य द्वार से निकल गए। शनिवार सुबह नाश्ता कराने आए उनके कर्मी राकेश ने शव देख शोर मचाया।  

डीएसपी पूर्वी मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि हत्या करने वाले घर में किसी सामान की तलाश में थे। घटना का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। छानबीन के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजन के आवेदन पर मामले में एफआईआर होगी। पुलिस ने श्वान दस्ता को बुलवाया। शव के पास से सूंघने के बाद गांव के रास्ते कुत्ता कटरा मझौली मार्ग पर कारी चक के पास पहुंचा और बैठ गया। पुलिस ने अनुमान लगाया कि कारी चक से अपराधी गाड़ी से निकल गए।

 मझौली कटरा रोड जो अब नेपाल को जोड़ने वाला मझौली चोरौत एनएच 527 सी में कन्वर्ट हो गया है। उक्त सड़क पर उनसर काली चौक तिमुहाने पर लगभग तीन एकड़ कीमती जमीन समेत करोड़ों की प्रॉपर्टी तो नहीं बना भाजपा नेता सच्चिदानंद सिंह की हत्या का कारण। पुलिस की जांच फिलहाल इसी पर केंद्रित है। डीएसपी पूर्वी मनोज कुमार पांडेय व थानाध्यक्ष राजेश रंजन ने मौका ए वारदात पर काफी माथापच्ची की और अपराधियों के घुसने के अनुमानित पिछवाड़े के रास्तों को बारीकी से देखा। आम की डालियों से लगी एस्बेस्टस बांस व टालियों पर पड़े आम के पत्ते भी गवाही दे रहे थे कि कोई आदमी इस पर चढ़ेगा तो कुछ ना कुछ टूट कर गिरेगा, लेकिन पिछवाड़े की सभी दीवारें और छत की चादरें पीछे से बदमाशों के आने की बात को झूठलाती दिखी। 

लोगों की माने तो 82 वर्षीय वृद्ध भाजपा नेता अकेले होने के कारण किसी से भी खिड़की खोल कर ही बात करते थे। रात में किसी बेहद करीबी के आने पर ही दरवाजा खोलते थे।  थानाध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि घर का मुख्य द्वार खुला था और इसी से घटना को अंजाम देने वाले घुसे होंगे और निकले होंगे। जाहिर है दरवाजा खुलवाने वाला बेहद करीबी होगा। संदूक अलमारी और ब्रिफकेस तोड़कर कुछ चुरा कर ले जाने की  बात होती तो जिस कमरे में शव मिला उसमें पांच पेटियां और थी उन्हें क्यों नहीं तोड़ा। वे काफी दिनों दो वर्षों बाद मुंबई स्थित पुत्री के घर से अपने घर लौटे थे। बेटी दामाद में से किसी का आवेदन आने पर स्थिति साफ होगी।

 

Source : Agency

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