26 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने दिखाई दरियादिली, बिना छूट भरे 41 करोड़ के बिल
गोरखपुर
गोरखपुर जोन के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 26 हजार उपभोक्ताओं ने ऐसी दरियादिली दिखाई कि बिजली निगम भी भौचक रह गया। इन उपभोक्ताओं ने ब्याजमाफी योजना का फायदा उठाने के बजाए 41 करोड़ रुपये बकाये का भुगतान कर दिया। अगर ये उपभोक्ता चाहते तो ब्याजमाफी की छूट के हकदार होते और उनके 55 लाख रुपये बच जाते। लेकिन उन्होंने योजना में अपना पंजीकरण ही नहीं कराया। वहीं एकमुश्त भुगतान योजना में अबतक 27 हजार बकाएदारों ने पंजीकरण कराकर बकाये की 30 फीसदी रकम 36 करोड़ जमा की है।
पॉवर कारपोरेशन ने एलएमवी- 2, 4बी व एचवी-6 श्रेणी के बिजली बकाएदारों को बकाए के ब्याज में छूट देने के लिए दिसम्बर में ओटीएस योजना लांच की। इसके बाद कारपोरेशन ने जोन के 70 हजार बकाएदारों का ब्याजमाफी योजना में चयन कर वितरण खण्डों के लिए लक्ष्य तय किया। अभियंताओं को इन बकाएदारों से 620 करोड़ की वसूली कर 205 करोड़ की छूट देनी थी। कारपोरेशन की टीम ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम से निगरानी करती रही। इस दौरान पता चला कि ब्याजमाफी योजना में चयनित बकाएदार बिना छूट का लाभ लिए ही बकाए का भुगतान कर रहे हैं। इसके बाद कारपोरेशन ने जोन का ओटीएस का टार्गेट रिवाइज कर 52500 कर दिया। इस तरह विभिन्न खण्डों का टार्गेट भी कम हो गया। बीते 30 जनवरी को पॉवर कारपोरेशन ने बिना पंजीकरण कराए भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं की सूची भेजी तो अभियंता यह देखकर हैरान हो गए कि विभिन्न वितरण खण्डों के 26 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने पूरा बकाया यानि 41.50 करोड़ का भुगतान कर दिया है।

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