सर्वदलीय बैठक - बातचीत से ही निकाला जाए किसान आंदोलन का हल: पीएम मोदी
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक के दौरान अमेरिका में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ हुई छेड़छाड़ पर खेद जताया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बापू को श्रद्धांजलि देने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस ऑल-पार्टी मीट में पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर चर्चा की। पिछले दो महीने से जारी कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन पर भी पीएम मोदी ने रातनीतिक दलों से बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि किसान आंदोलन का हल बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। इसके साथ ही पीएम मोदी 22 जनवरी को केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दिए गए प्रस्ताव को भी दोहराया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के प्रस्ताव को राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा सभी को सूचित किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के हवाले से सभी दलों के नेताओं को कृषि कानूनों पर सरकार के रुख की जानकारी दी।पीएम मोदी ने कहा, 'नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से जो कहा, उसे मैं फिर से दोहराना चाहता हूं। हम आम सहमति तक नहीं पहुंच रहे हैं, लेकिन हम आपको प्रस्ताव दे रहे हैं और आप (किसान) विचार-विमर्श कर सकते हैं। मैं किसानों के लिए सिर्फ एक फोन कॉल दूर हूं। सरकार का प्रस्ताव अभी भी किसानों के समक्ष पहले जैसा ही है, आंदोलन का हल बातचीत के माध्यम से मिलना चाहिए। हम सभी को राष्ट्र के बारे में सोचना होगा।'
आपको बता दें कि किसान संगठनों संग 22 जनवरी को हुई 10वें दौर की वार्ता में सरकार ने किसानों के सामने डेढ़ साल के लिए कृषि कानूनों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा था, साथ ही एक कमेटी बनाने की भी बात कही थी। हालांकि किसानों ने सरकार के इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सर्वदलीय बैठक में कथित तौर पर पीएम मोदी ने कहा, '30 जनवरी को कुछ तत्वों ने विदेशी भूमि पर महात्मा गांधी की मूर्ति के साथ बर्बरता की। हम ऐसी नफरत से देश को क्या दे रहे हैं?'

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