Monday, October 19th, 2026

शहर के 12 स्वास्थ्य केन्द्रों पर लगा कोरोना योद्धाओं को टीका, देगा कोरोना को मात

भोपाल
आज का दिन ऐतिहासिक है। पूरे देश के साथ ही शहर में भी टीकाकरण के अभियान की शुरूआत हुई है। शहर के 12 स्वास्थ्य केन्द्रों में सरकारी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को टीके लगाए गए। टीकाकरण दलों को दिए गए निर्देश के मुताबिक दायीं भुजा (डेल्टॉयड) पर (इंट्रामस्कुलर) 0.5 एमएल के टीके का पहला डोज एडी सिरिंज से दिया गया। स्वास्थ्य आयुक्त ने  सभी कलेक्टर्स को भेजे आदेश में टीकाकरण को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं। इसमें वैक्सीन  वायल के व्यवस्थित उपयोग करते हुए टीकाकरण सम्पन्न कराने के लिए कहा गया है।

राजधानी के हमीदिया अस्पताल में बन रहे दो हजार बिस्तरों के अस्पताल के शुरू होने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। कोरोना मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए ए ब्लॉक में बिस्तर लगवाए गए थे, लेकिन फिर होम आइसोलेशन की छूट मिलने के बाद मरीज आना कम हो गए। आज इस नवनिर्मित भवन से कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ किया जा रहा है। यहां मौजूद रहकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने प्रधानमंत्री का भाषण सुना।

शहर में शुरू हुए कोरोना के टीकाकरण का मुख्य आयोजन भोपाल के जेपी अस्पताल में हुआ। जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहला टीका लगवाने वाले स्वच्छागृही हरदेव यादव से बात की। शहर में 11 अन्य टीकाकरण केन्द्रों पर वेबकास्टिंग के जरिए स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रधानमंत्री का भाषण सुना। इसके अलावा एम्स, हमीदिया, बीएमएचआरसी, जवाहर लाल नेहरू गैस राहत अस्पताल,  सुल्तानियां अस्पताल, गांधी मेडिकल कॉलेज, बैरागढ़ सिविल हॉस्पिटल, खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज के साथ चिरायु मेडिकल कॉलेज में टीकाकरण किया गया।

शहर के जेपी अस्पताल में पदस्थ सफाईकर्मी हरदेव यादव को आज सुबह कोरोना वैक्सीन लगाया गया। कोरोना टीके के साइड इफ्कैट देखने के लिए उसे अस्पताल में डॉक्टरों की आब्जर्वेशन में करीब आधे घंटे रखा गया है। इस दौरान हरदेव यादव ने बताया कि टीके लगाने के बाद उसे किसी तरह की मानसिक और शारीरिक परेशानी और घबराहट नहीं हो रही है। वह इस वैक्सीन को लेकर बहुत खुश है। इसके बाद दो नर्सों को भी जेपी अस्पताल में टीका लगाया गया। इन सभी को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है, ताकि किसी तरह की परेशानी हो तो सामने आ सके।

सभी जिलों के कलेक्टर्स को भेजे गए आदेश में कहा गया है कि वैक्सीन को आईएलआर के ऊपरी हिस्से में रखा जाए। भंडारण और परिवहन के समय 2 से 8 डिग्री के बीच तापमान रखने की व्यवस्था करने के लिए कोल्ड चेन हेंडलर को जिम्मेदारी दी गई है। फील्ड की जरूरत के मुताबिक वैक्सीन कंडीशंड आइस पैक में भेजने और वायल खोलने के छह घंटे के भीतर वैक्सीन का उपयोग करना होगा। स्वास्थ्य आयुक्त के मुताबिक कोरोना वैक्सीन पर ओपन वायल पॉलिसी लागू नहीं होगी। वैक्सीन का दुरुपयोग रोकने के लिए अफसरों को ये सुनिश्चित करना होगा कि टीकाकरण स्थल पर दस हितग्राही उपस्थित होने के बाद ही वायल खोलने को कहा गया है। वैक्सीन को आईस पैक पर न रखने और शेक टेस्ट करने की सख्त मनाही होगी। टीकाकरण की रिपोर्ट एएनएम को कोविन पोर्टल/मोबाइल एप पर उसी दिन दर्ज करनी होगी।

 

#कोरोना योद्धाओं

Source : Agency

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