शराबबंदी: क्या कानून के नाम पर पूजा और परंपरा को छोड़ दें? जीतन राम मांझी बोले- सीएम तय करें लिमिट
बगहा
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही सरकार से इसे पीने की एक लिमिट तय करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के पक्षधर हम भी हैं। शराब नहीं पीनी चाहिये क्योंकि बिना शराब के भी अच्छा आदमी बना जा सकता है। लेकिन शराबबंदी कानून के नाम पर गरीबों का शोषण गलत है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शराबबंदी कानून में संशोधन करना चाहिये। इसमें कुछ लिमिट तय करनी चाहिये।
मांझी ने कहा कि थारू, आदिवासी, मुसहर, भूइयां आदि समाज में भगवान को शराब चढ़ाने की परंपरा है। बली के पहले शराब दी जाती है। तो क्या कानून के नाम पर पूजा व परंपरा को छोड़ दें? ये बातें पूर्व मुख्यमंत्री सह हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने बुधवार को हरनाटांड़ स्थित उच्च विद्यालय के प्रागंण में थारूओं की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में कहीं।

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