Tuesday, October 20th, 2026

राष्ट्र ,धर्म, समाज, के लिए सदैव समर्पित रहे भगवतशरण माथुर


 ( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल। ( अपनी खबर )
राष्ट्र, धर्म, समाज के प्रति अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी भगवतशरण माथुर  का आज  निधन हो गया।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित राज्य मंत्रिमंडल के अनेक सदस्यों , वरिष्ठ भाजपा नेताओं , राष्टीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों , ने गहरा शोक प्रकट किया है।
 उनके निधन की खबर मिलते ही आज मध्यप्रदेश भाजपा के भोपाल मुख्यालय  में होने वाली सभी बैठक निरस्त कर दी गई  हैं।
सभी के प्रति स्नेहभाव रखनेवाले  भगवत शरण माथुर का जन्म 13 अप्रैल 1951 को ग्राम तलेन जिला राजगढ़ मध्यप्रदेश में हुआ था।
 वे अपने शुभचिंतकों में माथुर  जी भाईसाहब के नाम से लोकप्रिय थे।
राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित होकर वे 1975 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बन गए।
 श्रद्धेय बालासाहेब देवरस, सुदर्शन जी, बाबासाहेब नातू , कुशाभाऊ ठाकरे  जैसे जीवनदानी मूर्धन्य व्यक्तियों के साथ उन्होंने सेवा कार्य किया।
वह उज्जैन ,शाजापुर और रतलाम जिलों में जिला प्रचारक रहे ।
उन्होंने अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से निभाया।
श्री माथुर 1994 से भारतीय जनता पार्टी को अधिक  मजबूत बनाने  में जुट गए ।
वह मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के सह संगठन महामंत्री तथा हरियाणा में संगठन मंत्री रहे।
 आपातकाल के दौरान उन्हें 19 महीने का कारावास हुआ।
 माथुर जी संगठन के लिए संपूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने वाले व्यक्तित्व थे।
उन्होंने समाज हित में अपनी पैतृक संपत्ति श्री नर्मदे हर सेवा न्यास की स्थापना के लिए दान कर दी।
यह न्यास वनवासी क्षेत्रों में समाज सेवा के कई प्रकल्प निशुल्क चला रहा है ।
वे अनुसूचित जाति और जनजाति मोर्चा एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संगठन भी रहे।
इस आलेख के लेखक ने उनसे एक बार सांसद का चुनाव लडने का आग्रह किया था जिस पर माथुर जी का कहना था कि धर्म, समाज की सेवा के लिए सांसद बनना जरूरी नहीं है।
उनकी रुचि नए कार्यकर्ताओं को तैयार करने में अधिक रहती थी ।
उन्होंने मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं की  नई टीम तैयार की जिनमें से वर्तमान में कई मध्यप्रदेश में मंत्री के पद को सुशोभित कर रहे हैं।
वे हमेशा किंग मेकर की भूमिका में रहे।
माथुर जी का  पूरा जीवन बेदाग , स्वच्छ , निस्वार्थ राजनीति और समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण है।
उनका पूरा जीवन राष्ट्र हित में सर्वस्व अर्पण करने का संदेश देता है।
अपने चाहने वालों को अचानक छोड़कर भगवान के घर जानेवाले राजगढ़ जिले के अनमोल रत्न, जीवनदानी समाजसेवी भगवत शरण  माथुर  की अंत्येष्टि आज 15 दिसंबर 2021 को अपरान्ह 3 बजे भोपाल में होगी ।
उनको सादर नमन, भावभीनी श्रद्धांजलि।
( लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं , उनसे मोबाइल नंबर 9424466269 पर संपर्क किया जा सकता है। )

 

Source : Agency

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