मेरठ 1983 के दंगों के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर, डॉक्टर समेत 10 लोगों को कोर्ट ने जारी किये समन
मेरठ
मेरठ में 1983 दंगे के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली, डॉक्टर समेत 10 लोगों के शनिवार को कोर्ट ने समन जारी कर दिए। पुलिस को निर्देश दिए कि इन सभी लोगों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। जिसके बाद मेरठ पुलिस ने 38 साल पुराना रिकॉर्ड खंगाला और उनकी तलाश शुरू कर दी।
1983 में मेरठ में दंगे की जांच कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस के अनुसार शनिवार एसीजेएम तरबेज अहमद की कोर्ट में तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली केसी त्रिपाठी, डॉक्टर व सरकारी स्टाफ के समन जारी कर दिए।
साथ ही मेरठ पुलिस को निर्देश दिए कि इन सभी लोगों को तलाश कर कोर्ट में पेश करें। यह दंगा 38 साल पहले हुआ था, जिसमें हत्या दी हुई थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर ने जांच की थी और डॉक्टरों द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था। उक्त यह सभी लोग कोर्ट में तारीख पर नहीं जा रहे थे। उसके चलते समन जारी हुआ है।
समन जारी होने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने 38 साल का रिकॉर्ड थाने के माल खाने में तलाशा। लेकिन वहां पर रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस का दावा है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर मुरादाबाद में रहते हैं। यह जानकारी पुलिस को मिली है।
कोतवाली थाना की पुलिस उनकी तलाश में मुरादाबाद के लिए रवाना हो गई है। इंस्पेक्टर कोतवाली आशुतोष कुमार ने सुमन में शामिल 10 लोगों की जानकारी रिटायर्ड हुए अधिकारियों से भी लेने का प्रयास किया है। देर रात तक तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत सभी 10 लोगों का पता लगाने में मेरठ पुलिस जुटी रही।

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