Tuesday, October 20th, 2026

मार्च में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से नौ गुना बड़ा उल्कापिंड पृथ्वी के पास से गुजरेगा

वाशिंगटन
विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' से 9 गुना बड़ा एक उल्कापिंड मार्च में पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) ने इसे खतरे की संभावना वाला उल्कापिंड करार दिया है। इसकी खोज 2001 में की गई थी जिसे 231937 नाम दिया गया था।

हालांकि यह उल्कापिंड पृथ्वी से नहीं टकराएगा, बल्कि करीब 12 लाख किलोमीटर दूर से गुजरेगा। यह दूरी चंद्रमा और पृथ्वी की दूरी से 5 गुना है लेकिन कई भावी खतरों की आशंका अलग-अलग देशों के वैज्ञानिक जता रहे हैं। उनके अनुसार, यह भविष्य में सौरमंडल के किसी ग्रह से टकरा सकता है।

नासा के अनुसार, 500 मीटर से अधिक आकार और पृथ्वी से 75 लाख किलोमीटर से कम दूरी से गुजरने वाले एस्टेरॉयड हमारी धरती पर जीवन के लिए खतरे की संभावना रखते हैं।

एस्टेरॉयड को 8 इंच की अपर्चर क्षमता वाली दूरबीन से देखा जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह दक्षिण क्षितिज पर सूर्यास्त के बाद नजर आएगा।

सूर्य का चक्कर लगाने वाले यह चट्टानी उल्कापिंड आमतौर पर हमारे सौरमंडल में मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच में पाए जाते हैं। इनका जन्म सौरमंडल के साथ हुआ था। इनमें से कई हमारी पृथ्वी के निकट से भी अक्सर गुजरते हैं।

कुछ छोटे एस्टेरॉयड तो पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से भी निकल जाते हैं। इस दौरान उनसे छूटकर कुछ हिस्से पृथ्वी के वातावरण में चले आते हैं और तेज गति की वजह से भस्म हो जाते हैं।
एस्टेरॉयड्स में से कोई भी कम से कम अगले 100 साल तक पृथ्वी से नहीं टकराएंगे। साल 2185 में एस्टेरॉयड 410777 पृथ्वी से टकरा सकता है, लेकिन इसकी संभावना भी 714 में से एक है। बीते 6.6 करोड़ साल में ऐसा कोई पिंड धरती से नहीं टकराया है जो जीवन को तबाह कर सके।

 

#स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

Source : Agency

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