मातृशक्ति का सम्मान कर केन्द्र सरकार ने संवेदनक्षम नेतृत्व का परिचय दिया - सरोज
रायपुर
भारतीय जनता पार्टी की राज्यसभा सांसद डॉ. सरोज पाण्डेय ने केन्द्र सरकार के बजट प्रस्ताव को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया है। केन्द्र सरकार ने सभी वर्गों का इसमें ध्यान रखा है। महिला सशक्तिकरण के लिए केन्द्र सरकार ने बजट में जो प्रावधान किए है, वह देश की मातृशक्ति का सम्मान है। ग्रामीण व कस्बाई महिलाओं की सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सेहत का भी ध्यान रखकर उज्ज्वला गैस योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष में एक करोड़ और महिलाओं को जोड?े का लक्ष्य घोषित कर केन्द्र सरकार ने अपने संवेदनक्षम नेतृत्व का परिचय दिया है।
राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास और वहां शिक्षा के अवसर बढ़ाए जाने के केन्द्र सरकार के प्रावधान का स्वागत किया है। नेताम व कश्यप ने कहा कि केन्द्र सरकार के बजट में आदिवासी इलाकों के बच्चों की बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के एलान के साथ ही 15 हजार सरकारी स्कूलों का स्तर सुधारने, 4 करोड़ दलित छात्रों के उत्थान के लिए योजना बनाने 758 एकलव्य स्कूल खोले जाने के साथ ही देश में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और उच्च शिक्षा आयोग के गठन का प्रस्ताव रखकर एक शिक्षित व संस्कारित समाज की रचना के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को साकार करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि राष्ट्र की समयानुरूप आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए देशवासियों की जरूरतों व सुविधाओं की भी संतुलन बनाए रखते हुए देश को आर्थिक विकास की दिशा में ले जाने का संकल्प केन्द्र सरकार के सुलझे आर्थिक दृष्टिकोण का परिचायक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जारी रखने और एपीएमसी को इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के दायरे में लाने की घोषणा ने विपक्ष के झूठ और नफरत की राजनीति को करारा जवाब दिया है। हर कर्मचारी को न्यूनतम वेतन योजना, प्रवासी मजदूरों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना जैसे प्रावधान देश की जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाले हैं।

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