Friday, October 23rd, 2026

मांझी की पार्टी ने नीतीश सरकार को गिराने की दे डाली धमकी, अब डैमेज कंट्रोल में जुटी BJP; अपने ही नेताओं को चेतावनी

पटना
बिहार में हिंदुस्तानी आवामा मोर्चा (हम) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच लगातार टकराव बढ़ता जा रहा है। ब्राह्मणों पर मांझी की विवादित टिप्पणी के बाद दोनों दलों में बयानबाजी इतनी बढ़ गई कि हम के प्रवक्ता ने नीतीश सरकार को गिराने की धमकी दे डाली। अब बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बीच बचाव करते हुए मोर्चा संभाल लिया है और मांझी को एनडीए का वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके खिलाफ बयानबाजी बंद करने की नसीहत दी है। उन्होंने यह भी कहा कि मांझी अपने बयान को लेकर माफी मांग चुके हैं और ब्राह्मणों को भोज भी दे चुके हैं। इसलिए यह चैप्टर यहीं बंद होना चाहिए। माना जा रहा है कि सुशील मोदी डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं।

क्यों बढ़ा टकराव और 'हम' ने क्यों दी धमकी
दरअसल पूरे मामले की शुरुआत मांझी के उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने ब्राह्मणों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में मांझी ने ब्राह्मण भोज का आयोजन भी किया। लेकिन बीजेपी नेता इस कदर आग बबूला हो गए कि मांझी के खिलाफ जमकर बयानबाजी होने लगी। बीजेपी नेता गजेंद्र झा ने तो मांझी की जुबान काटने वाले के लिए 11 लाख रुपए इनाम की भी घोषणा कर दी। हालांकि, पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया।

नीरज बबलू की बयानबाजी से 'आग में घी'
एक तरफ मांझी ब्राह्मणों के लिए भोज आयोजित करके डैमेज कंट्रोल में जुटे थे तो दूसरी तरफ बीजेपी कोटे से बिहार के मंत्री नीरज कुमार बबलू ने मांझी पर बरसते हुए उन्हें संन्यास लेने की सलाह दे डाली। उन्होंने यह भी कहा कि मांझी पर उम्र का असर हो रहा है। उनका बेटा भी नीतीश सरकार में मंत्री है। उन्हें अनाप-शनाप बोलने से बचना चाहिए। बबलू ने यह भी कहा कि मांझी को राजनीति से संन्यास लेकर राम नाम जपना चाहिए।

 

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Source : Agency

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