मध्य प्रदेश का बजट: खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी करेगा MP
भोपाल
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आज मध्य प्रदेश का बजट पेश करते हुए कहा कि 2022 के खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी मध्यप्रदेश को दिए जाने के लिए भारत सरकार की सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो गई है। इसके अंतर्गत भोपाल में शूटिंग व रोइंग, ग्वालियर में हाकी के लिए सेंटर आफ एक्सीलेंस का दर्जा देने की स्वीकृति दी गई है। टोक्यो में होने वाले ओलम्पिक गेम्स के लिए शूटिंग खेल अकादमी से दो खिलाड़ियों ने भारत को ओलंपिक में कोटा दिलाया है।
सरकार ने सुपोषण के लिए पोषण मटका कार्यक्रम में खाद्य सहयोग की अपील की है। समृद्ध परिवारों से सहयोग लेकर पोषण मटका के माध्यम से 178 टन खाद्य सामग्री जैसे अनाज, दाल, फल, सब्जी आदि का संग्रहण कर अति गंभीर कुपोषित बच्चों के परिवार को दिया गया है। आगामी वर्ष मेंं एक हजार नए आंगनबाड़ी भवन बनाने का लक्ष्य है। देवड़ा के अनुसार मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना को फिर शुरू किया जाएगा।
शिवराज सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और प्रबंधन को विश्वस्तरीय गुणवत्ता तक पहुंचाने के लिए मिशन निरामय लागू किया जाएगा। उप स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सपर्ट से सलाह देने के लिए हब एंड स्पीक माडल के माध्यम से टेलिमेडिसिन सेवाएं दी जा रही हैं। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मेडिकल कालेज बढ़ाने का फैसला लिया गया है। चालू साल में 165 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं। वर्तमान में यह संख्या 2035 है जिसे 2022-23 तक 3250 किया जाएगा। 6 नर्सिंग महाविद्यालयों में 390 बीएससी नर्सिंग सीटों की संख्या बढ़ाकर 810 की जाएगी।
साथ ही 50 एमएमसी नर्सिंग सीटों को बढ़ाकर 320 किया जाएगा। प्रदेश में 9 नए मेडिकल कालेज श्योपुर, राजगढ़, मंडला, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, दमोह, सिवनी जिले में खोले जाना प्रस्तावित हैं। जल्द ही प्रदेश में 23 शासकीय मेडिकल कालेज और 9 निजी मेडिकल कालेज हो जाएंगे। जबलपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट तथा ग्वालियर में टर्शरी कैंसर केयर शीघ्र चालू किए जाएंगे। कैंसर के उपचार के लिए भोपाल, इंदौर और रीवा के मेडिकल कालेज में लिनेक उपकरणों की पीपीपी मोड पर स्थापना की जाएगी। गैस पीड़ितों को हर माह दी जाने वाली केंद्रीय पेंशन योजना समाप्त हो जाने पर अब राज्य सरकार अपने स्त्रोत से पेंशन उपलब्ध कराएगी। इस तरह स्वास्थ्य और संबद्ध क्षेत्र के लिए 15622 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

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