Sunday, October 25th, 2026

भागलपुर के पहले ब्लैक फंगस मरीज की मौत

 भागलपुर   
भागलपुर के मायागंज अस्पताल में इलाजरत जिले के पहले ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) मरीज की मौत हो गयी। इससे पहले बांका जिले के रजौन निवासी ब्लैक फंगस के शिकार मरीज की मौत मायागंज अस्पताल में हुई थी। हालांकि उस मरीज की मौत की पुष्टि अस्पताल प्रशासन कर सका था, ,क्योंकि लाश को परिजन बिना बताये ही लेकर चले गये थे। तातारपुर स्थित डॉ. ओबेद अली के अस्पताल में बतौर कंपाउंडर कार्यरत जितेंद्र कुमार के 42 साल के भाई (निवासी नाथनगर) को 18 मई को मायागंज अस्पताल की आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे इलाज के दौरान मौत हो गयी। मृतक 19 मई को कोरोना पॉजिटिव हुआ था।28 में से छह डोज ही एंफोटेरेसिन-बी इंजेक्शन पड़ा था।
 
भागलपुर के पहले ब्लैक फंगस के मरीज का इलाज पहले डॉ. ओबेद अली के पास तो बाद में दो दिन तपस्वी हॉस्पिटल और पांच दिन तक पल्स हॉस्पिटल में चला था। इस दौरान युवक में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले तो उसे मायागंज अस्पताल में डॉ. विनय कुमार की यूनिट में भर्ती कराया गया। इस मरीज के इलाज के क्रम में दो दिनों तक छह डोज एंफोटेरेसिन-बी का इंजेक्शन दिया गया था। कुल 28 डोज एंफोटेरेसिन-बी का इंजेक्शन लगनी थी, लेकिन इससे पहले ही बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने बताया कि ब्लैक फंगस से ग्रसित 42 साल के युवक की मौत आईसीयू में हुई है। गुरुवार को 40 वॉयल एंफोटेरेसिन-बी पटना से मंगाया गया है। चूंकि मायागंज अस्पताल में चार और ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रहा है।

 

Source : Agency

पाठको की राय