Thursday, October 22nd, 2026

बिहार में आज डिप्टी CM तारकिशोर प्रसाद करेंगे पेश 

पटना
बिहार में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2021-22 का आज बजट पेश कर रही है। इसके लिए 19 फरवरी से विधानमंडल का सत्र चल रहा है। जो कि 24 मार्च तक चलेगा। बजट को उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद पेश करेंगे। वह बतौर वित्तमंत्री अपना पहला बजट सदन के समक्ष ला रहे हैं। बजट का आकार कैसा होगा, इस पर स्पष्ठ है कि यह 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का ही होगा। पिछला यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट 2,11,761 करोड़ रुपए था। इस बार इसके 2.15 लाख करोड़ से ज्यादा रहने की संभावना है।
 
'शिक्षा के लिए सबसे बड़ा कंपोनेंट'
इस बार बजट में कोरोना की चुनौतियों को देखते हुए जनहित से जुड़े विभागों की राशि बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कह चुके हैं कि, उनकी सरकार की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास पर विशेष ​ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा बजट में इस बार शिक्षा के लिए सबसे बड़ा कंपोनेंट रहने के आसार हैं। ग्रामीण संपर्कता के साथ ही जल-जीवन-हरियाली के तहत हर खेत तक पानी पहुंचाने का मंत्रियों ने दावा किया है। सेहत-शिक्षा और किसानों की आय में सुधार करने की बात कही जा रही हैं। वहीं, नए वित्तीय वर्ष से नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन होना है। रोडमैप बना लिया गया है, जिसमें प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार की तैयारी है। इसके लिए बजट में राशि की वृद्धि होगी।

विद्यार्थियों के लिए बढ़ाई राशि
राज्य में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के चलते भी सरकार पर करोड़ों का भार पड़ेगा। सरकार ने 12वीं पास लड़कियों की प्रोत्साहन राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दिया है। वहीं, ग्रेजुएशन पास लड़कियों को अब 25 हजार के बदले 50 हजार दिए जाने की घोषणा हुई है। इसके अलावा भी कई व्यवस्था इसी सत्र से होनी हैं। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि, इस बार इसके अलावा कोरोना की चुनौतियों को देखते हुए जनहित से जुड़े विभागों की राशि बढ़ाए जा सकती है। स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि पर ज्यादा जोर रहेगा।

25 हजार करोड़ की जरूरत होगी
बिहार सरकार के सामने नए शहरों में आधारभूत संरचनाओं का विकास, अस्पतालों में संसाधनों की आपूर्ति, खाली पदों को भरने, नई शिक्षा नीति को लागू करने, शिक्षकों की नियुक्ति, प्रोन्नति व किसानों की आमदनी की वृद्धि करने की चुनौतियां हैं। यहां सात निश्चय-2 समेत पहले से लागू विभिन्न योजनाओं को रफ्तार देने के लिए भी अतिरिक्त राशि की जरूरत पड़ेगी। नई शिक्षा नीति का रोडमैप तैयार किया गया है। माना जा रहा है कि, ऐसे कार्यक्रमों को लागू करने के लिए 25 हजार करोड़ चाहिए होंगे।
 
हर शहर में बनेगी नई सड़क
आगामी बजट में राज्य सरकार बिहार के 100 से ज्यादा शहरों को नई सड़क बनाने का ऐलान करेगी। राज्यभर में सरकार की 400 किलोमीटर नई सड़कें बनाने की तैयारी है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, कम से कम 10 किलोमीटर नई सड़क तो हर शहर में बन सकती हैं। इसे लेकर एक योजना ग्रामीण कार्य विभाग ने तैयार की है। सड़कों के लिए भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी प्रस्ताव भेजा गया है। फर्स्ट फेज में राज्य के अनुमंडल, ब्लॉक और थानों के लिए रोड बननी हैं। इसके लिए जिलों के प्रशासन से प्रस्ताव मांगा गया है।

 

#बिहार सरकार

Source : Agency

पाठको की राय