Wednesday, October 21st, 2026

बाघ के मूवमेंट के बाद जागरण लेक सिटी में हड़कम्प, वन विभाग का अमला अलर्ट

भोपाल
हैपी संडे की आस में शहर से दूर जंगलोंं में सैर करने वालों के लिए यह अच्छी खबर नहीं है क्योंकि केरवा में जागरण लेक सिटी के पास बाघ के मूवमेंट के बाद अब वहां  हड़कम्प मचा हुआ है। गत दिवस यहां पर एक बाघ ने गाय का शिकार किया था जिसका वीडिया वायरल होने के बाद अब वन विभाग का अमला अलर्ट हो गया है। गौर तलब है कि यहां पर 12 फीट की चेनलिंक की जाली लगायी गयी है ताकि बाघ का रूख शहरी क्षेत्र में ओर न हो।  इससे पहले  बाघिन अपने दो शावकों के साथ घूमती हुई नजर आई थी।  कलियासोत डैम के पास सड़क पर बाघिन दिखने से वन विभाग ने यहां पर सैलानियों के घूमने पर रोक भी लगायी थी। वन विभाग ने इस क्षेत्र को बाघ मूवमेंट क्षेत्र घोषित कर रखा है।

वन विभाग के अधिकारी खुद इस बात को मानते हैं कि इस एरिया में बाघ टी 123-1 और बाघिन टी 123  एक्टिव रहती है। अब उस एरिया में बाघ के पगमार्क चेक किए जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गाय का शिकार किसने किया था। सवाल यह उठता है कि जाली के उस तरफ गाय आखिर कैसे पहुंची क्योंकि इससे पहले स्थानीय चरवाहों को वन विभाग ने जंगल में भीतर जाने के लिए भी मना किया था।

 पिछले साल  करोंद स्थित पीपुल्स मॉल के पास नवी बाग, लांबाखेड़ा में भी एक भालू के आ जाने से दहशत फैल गई थी। 2015 को नवीबाग क्षेत्र में खतरनाक बाघ आ गया था। जिसे कड़ी मशक्कत के बाद सेंट्रल एग्रीकल्चरल इंस्टिट्यूट से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और वन विभाग टीम ने इंजेक्शन दे कर पकड़ा था। इसी तरह से  2016 की रात बाघ टी-1 कलियासोत डैम के पास घूमता दिखाई दिया था। पिछले साल  पहले एक तेंदुआ केरवा डैम की तरफ से कलियासोत होते हुए शाहपुरा पहाड़ी पर पहुंच गया, जहां से रहवासी क्षेत्र ई-8 अरेरा कालोनी तक पहुंच गया था। इसके बाद वन विभाग को आसपास पिंजरे लगाने पड़े थे।

 

#बाघ

Source : Agency

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