बब्बर शेर की जूठन से गोरखपुर चिड़ियाघर में बनेगी खाद
गोरखपुर
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में बब्बर शेर दहाड़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होंगे। उनके जूठन से न केवल चिड़ियाघर में हरियाली आएगी, बल्कि रंग-बिरंगे फूल भी खिलेंगे। कचरे का समुचित निस्तारण भी हो जाएगा। यह सब कुछ मुमकिन होगा अत्याधुनिक आर्गेनिक वेस्ट डिकम्पोजर एवं एग्रीकल्चर वेस्ट डिकम्पोजर प्लांट से। पिछले दिनों इस प्लांट का वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री दारा सिंह चौहान ने उद्घाटन भी कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चिड़ियाघर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की इकोफ्रेंडली योजना बनाई गई थीं। इस योजना पर अमली जामा पहचाते हुए 1.03 करोड़ लाख रुपये से प्लाट निर्मित किया गया है। प्राणी उद्यान में लगाए गए पेड़ पौधों से गिरने वाले पत्तों और बाड़ों में रहने वाले वन्यजीव के आहार के रूप में इस्तेमाल होने वाले खाद पदार्थ के निस्तारण के लिए कम्पोस्ट प्लांट लगाया है। बिजली से चलने वाली इन मशीनों को एक प्लेटफार्म पर इंस्टॉल किया गया है। हेरिटेज फाउंडेशन की ट्रस्टी अनुपमा मिश्रा एवं हेरिटेज एवियंस की अनीता अग्रवाल ने प्राणी उद्यान के अधिकारियों द्वारा इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि यह दूसरे रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, विश्वविद्यालय के आवासीय परिसरों, बड़े कॉमर्शिलय काम्पलेक्स एवं सरकारी कार्यालयों के लिए भी अनुकरणीय है। उन्हें भी अपने कचरे के उचित निष्पादन के लिए कदम उठाना चाहिए।
350 से 500 किलोग्राम प्रति घंटा की क्षमता का गार्डेन एवं हार्टीकल्चर वेस्ट प्लांट लगा है। इस प्लांट में एकत्र किए गए पत्तों, फल और अन्य खाद पदार्थ को डाला जाएगा। जिसे यह प्लांट छोटे-छोटे टुकड़े में तब्दील कर देगा। उसके बाद इसे दूसरे टब में डाल दिया जाएगा जड़ा यह सड़क कर कम्पोस्ट खाद में तब्दील हो जाएगा। यह मशीन बिजली से संचालित होगी। इसका वजन करीब 350 किलोग्राम है।

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