पॉक्सो कोर्ट ने बनाया रिकॉर्ड: 12 तारीखों में दलित किशोरी को मिया न्याय, रेपिस्ट को दी उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया
बरेली
विशेष जज पॉक्सो एक्ट की विशेष कोर्ट ने दलित किशोरी से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के माामले में 12 तारीखों में केस फाइनल कर दिया। गवाहों और साक्ष्य की पूरी कार्रवाई कर दुष्कर्म के दोषी को उम्र कैद और एक लाख 15 हजार 500 रुपये का जुर्माना बोला है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रीतराम राजपूत ने बताया कि थाना किला में पीड़िता की मौसी ने 18 सितंबर को एफआईआर दर्ज करायी थी कि उनकी 14 वर्षीय किशोरी बीते आठ वर्ष से उनके साथ रह रही है।
26 अगस्त 2021 की रात्रि नौ बजे वह बाजार जा रही थी। रास्ते में आरोपी दिनेश चंद्र मिश्रा मिला। पीड़िता को बहाने से अपने घर ले गया। आरोपी ने अपने कमरे में बंद करके उसके साथ दुष्कर्म किया। 18 सितंबर को किला पुलिस ने आरोपी दिनेश चंद्र मिश्रा के खिलाफ पॉक्सो और एससी एसटी एक्ट में एफ़आईआर दर्ज की। 19 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना सीओ द्वितीय आशीष प्रताप सिंह ने इसकी विवेचना की।
उन्होंने 16 नवंबर को ही मामले में चार्जशीट लगा दी। मुकदमे की सुनवाई विशेष जज पॉक्सो एक्ट रामदयाल की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रीतराम राजपूत और विशेष लोक अभियोजक सुभव मिश्रा ने पैरवी की थी। दोनो पक्ष की दलीलों को सुनकर विशेष कोर्ट में आरोपी को सश्रम आजीवन कैद की सजा सुनायी।

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