Wednesday, October 21st, 2026

पेट्रोल-डीजल के बाद अब प्याज ने रूलाया, बढ़े दाम

नई दिल्ली 
खुदरा बाजार में प्याज की कीमत पचास रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। सरकार को उम्मीद है कि मार्च में बाजार में प्याज की आवक बढ़ जाएगी, इससे दम कम हो जाएगें। इसके साथ केंद्र सरकार बफर स्टॉक से राज्यों को प्याज जारी कर सकती है।
प्याज की कीमतों में अचानकआई वृद्धि अहम वजह महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बेमौसम बरसात है। इन दनों प्रदेशों में बेमौसम बरसात और ओले पडने की वजह से प्याज की फसल खराब हो गई है। इसके चलते एशिया की सबसे बड़ी मंडी लासलगांव में प्याज की कीमत 4200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। क्योंकि, मंडी में प्याज की आवक कम हो गई है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के बीच प्याज के दामों में वृद्धि ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। 

उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ो के मुताबिक भी राजधानी दिल्ली में बीस दिन के अंदर प्याज की कीमत 10 से 15 रुपए तक बढी हैं। आंकड़ो के मुताबिक 19 फरवरी को प्याज की कीमत 50 रुपए प्रति किलो थी, जबकि 30 जनवरी को प्याज के दाम 39 रुपए प्रति किलो थे। इससे पहले बाजार में प्याज की कीमत औसतन 20 से पच्चीस रुपए प्रति किलो तक थी।

सरकार के मार्च में प्याज की आवक बढने से कीमत कम होने की उम्मीद के बावजूद कई जानकार मानते हैं कि अभी राहत की उम्मीद कम हैं। उनका मानना है कि प्याज के दाम अभी और बढेगें। कई लोग कीमतों को आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन से जोडकर भी पेश कर रहे हैं। दरअसल, सरकार ने पिछले साल आलू, प्याज, दाल, चावल और तिलहन को दायरे से बाहर कर दिया है।

 

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Source : Agency

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