Wednesday, October 21st, 2026

पार्षद के भतीजे की हत्या,दोस्त ही निकले तीनों आरोपी

रायपुर
शहर में एक युवक की गुमशुदगी 9 तारीख को हो जाती है और पुलिस परिजनो की शिकायत पर कहती रही कि पैसों की लेनदेन पर भागा है युवक आ जायेगा, इस बीच युवक की हत्या हो गई और शव मिलने के बाद मोबाइल मैसेज,युवक के घर से गायब होने का कारण सबका लिंक जुड़ता गया। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कांग्रेस नेताओं को थाने में प्रदर्शन भी करना पड़ा तब कहीं जाकर तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और तीनों मृतक युवक के दोस्त निकले। पुलिस इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले प्रदीप नायक, सुजीत तांडी और केवी दिवाकर को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।दरअसल यह पूरा घटना क्रम कांग्रेस पार्षद विभार के भतीजे की हत्या का है। युवक की चाची वर्तमान में पार्षद है और चाचा पहले पार्षद रह चुका है। परिजनों में काफी आक्रोश हैं यदि शिकायत व शक पर पुलिस तत्परता से कार्रवाई किए रहती तो हो सकता है युवक की जान बच जाती है। पुलिस की रवैये की जांच हो सकती है।

हत्या की दरिंदगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस सूटकेश को लेकर युवक घर से गया था उसी में मारकर उसके शव को भरकर फेंक दिया गया। शुरूआती जांच में सामने आया है कि बाहर जाने के बात कहकर 9 फरवरी को आरोपी प्रदीप ने जतिन को बुलाया था। उसने कहा था कि अपने साथ एक बड़ा ट्रॉली बैग लेकर आना। जतिन ने अपनी मां से बैग मांगा, उन्होंने बैग देने से इनकार कर दिया। उधर, आरोपी बार-बार उसे कॉल कर बुला रहे थे।जतिन ने कुछ देर बाद अपने पड़ोसी अभय से एक बड़ा सूटकेस लिया और प्रदीप से मिलने के लिए निकला। प्रदीप के बताए स्थान पर पहुंचने के बाद 20 हजार रुपए लौटाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। फिर प्रदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर जतिन की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर उसके लाश को उसी सूटकेस में भर दिया जिसे लेकर वह पहुंचा था। इसके बाद आरोपी जतिन का स्कूटर लेकर खम्हारडीह गए और चंडीनगर में सुनसान इलाके के कुएं में लाश भरे बैग को फेंककर भाग गए।

पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी प्रदीप और जतिन को कुछ रुपयों की जरुरत थी। करीब एक महीने पहले प्रदीप ने अपनी बाइक गिरवी रखी थी। इसके बदले में उन्हें 30 हजार रुपए मिले थे। इसमें से 20 हजार रुपए प्रदीप ने जतिन को दिए थे। इन रुपयों को जतिन लौटा नहीं रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ और बात हत्या तक जा पहुंची। पुलिस फिलहाल प्रदीप से पूछताछ कर रही है। हालांकि जतिन के परिवार वालों का कहना है कि प्रदीप, जतिन से चिढ़ता था, इसलिए उसकी हत्या की और अब बेवजह के रुपयों की देनदारी की बातें कर रहा है।

तीनों युवकों ने जतिन की मौत के बाद एक ऐसा प्लान बनाया था, ताकि घर वालों और पुलिस को यही लगे कि जतिन जिंदा है और वो घर से कहीं चला गया है। आरोपी युवकों ने जतिन की हत्या के बाद उसका मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था। जब मामला पुलिस के पास पहुंचा और घर वालों ने उसकी खोजबीन शुरू की तो आरोपी जतिन के मोबाइल से परिवार को मैसेज भेजते थे, वो लिखते थे कि पापा, मैं ठीक हूं, जल्द घर लौट आउंगा, मेरे दोस्तों को कुछ रुपए देने हैं तो वो पैसे आप लोग उन्हें लौटा दीजिए। सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि इस मामले में लापरवाही की जांच के बाद संबंधित जांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

 

Source : Agency

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