Tuesday, October 20th, 2026

निजी जमीन पर 20 हेक्टेयर तक सरकार जारी करेगी खनन पट्टे

भोपाल
खनिज विभाग ने इसके लिए मध्यप्रदेश गौण खनिज नियमों में संशोधन कर दिया है। भारत सरकार द्वारा गौण खनिज की श्रेणी में शामिल खनिज के निजी जमीन पर भी खनन की अनुमति खनिज विभाग देगा।

इसमें यह प्रावधान भी किया गया है कि शासकीय अथवा निजी जमीन पर जहां अनुसूची पांच में आने वाले खनिजों के लिए ई निविदा से उत्खनन के लिए पट्टा प्रदान किया जाएगा वहां शासकीय भूमि पर अथवा शासकीय या निजी जमीन के सम्मिलित क्षेत्र पर न्यूनतम एक हेक्टेयर से अधिकतम ढाई सौ हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर उत्खनन पट्टा प्रदान किया जा सकेगा और निजी जमीन पर बीस हेक्टेयर से अधिक परन्तु ढाई सौ हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर खनन के पट्टे दिए जा सकेंगे। जिन स्थानों पर खनन का क्षेत्र एक हेक्टेयर से कम है तथा दो सौ मीटर की परिधि में अलग-अलग स्थिति है तो इन क्षेत्रों का एक समूह बनाकर लिखित में अनुमति लेकर उस सीमा तक खनन की अनुमति दी जाएगी जिससे खनन के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर का क्षेत्र उपलब्ध हो सके।

पट्टे के नवीनीकरण की दशा में खनन के लिए पट्टा दिए जाने पर न्यूनतम क्षेत्र का प्रतिबंध नहीं रहेगा। अनुसूची एक में एक से तीन क्रमांक तक आने वाले खनिजों के लिए ग्रेनाइट कंजरवेशन एंड डेवलपमेंट रूल्स तथा मार्बल डेवलपमेट एंड कंजरवेशन रूल्स के नियम लागू होंगे। अनुसूची एक के अनुकंमांक पांच के दायरे में आने वाले गौण खनिज खनन के लिए अधिकतम दस हेक्टेयर तक के पट्टे ही प्रदान किए जा सकेंगे। अनुसूची पांच में आने वाले खनिजों के ऐसे क्षेत्र जो बीस हेक्टेयर से अधिक हो या सघन हो तो वहां बीस हेक्टेयर अथवा उससे कम टुकड़े में बांटकर स्वीकृत नहीं किया जा सकेगा।

शासकीय भूमि पर ई निविदा से खनन अनुमति  के मामलों में रायल्टी दर प्रति टन तथा उसका पांच प्रतिशत आरक्षित मूल्य होगा। आरक्षित मूल्य से  दस प्रतिशत अथवा उससे अधिक राशि प्रथम निविदा में बढ़ाने की शर्त पर टेंडर में आई उच्चतम दर को मंजूरी दी जाएगी वर्ना पुन: निविदा बुलाई जाएगी। जहां शासकीय और निजी जमीन दोनो होंगी वहां रायल्टी दर प्रति टन तथा उसका पांच प्रतिशत आरक्षित मूल्य होगा। इस आरक्षित मूल्य से दस प्रतिशत अथवा उससे अधिक राशि पहली निविदा से अधिक बढ़ाकर देने की शर्त पर ही टेंडर में उच्चतम दर को मंजूरी दी जाएगी। वर्ना फिर निविदा बुलाई जाएगी। जहां निजी जमीन पर खनन की अनुमति दी जाना है वहां खनन पट्टा मंजूर होने पर भूमि स्वामी द्वारा पट्टा क्षेत्र से हटाये जाने वाले या उपभोग किए जाने वाले गौण खनिज की मात्रा पर प्रति टन देय रायल्टी के अलावा देय रायल्टी के पंद्रह प्रतिशत के बराबर रकम अतिरिक्त रूप से राज्य सरकार को देना होगा। राज्य सरकार पंद्रह प्रतिशत वृद्धि कर तीन साल की अवधि के बाद खनन की अनुमति पुन: देगी।

अनुसूची एक के दायरे में आने वाले सभी खनिजों के लिए चार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खनन के लिए विभागीय मंत्री से स्वीकृति का पूर्व में अनुमोदन प्राप्त होने पर संचालक अनुमति देंगे। अनुसूची दो में आने वाले सभी खनिज जहां चार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र पर अनुमति मांगी गई हो वहां भी संचालक अनुमति देंगे। अनुसूची पांच में दिए गए सभी खनिजों के मामले में निजी भूमि पर बीस हेक्टेयर से कम क्षेत्र में विभागीय मंत्री से स्वीकृति का पूर्व अनुमोदन लेकर संचालक अनुमति देंगे। शासकीय भूमि पर आवंटन के बाद ई निविदा से मिले आवेदन पर ढाई सौ हेक्टेयर क्षेत्र पर राज्य सरकार से स्वीकृति का पूर्व में अनुमोदन प्राप्त कर अनुमति दी जाएगी। निजी जमीन पर ई निविदा के मामलों में बीस हेक्टेयर से ढाई सौ हेक्टेयर तक खनन की अनुमति भी विभागीय मंत्री से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने के उपरांत दिया जाएगा। अनुसूची एक में आने वाले सभी खनिज के लिए चार हेक्टेयर तक के क्षेत्र में अनुमति कलेक्टर देंगे। अनुसूची दो में आने वाले खनिजों के मामले में भी चार हेक्टेयर तक कलेक्टर ही अनुमति देंगे।

 

#खनन पट्टे

Source : Agency

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