Wednesday, October 21st, 2026

देव पुरूष वह जो गौ माता की रक्षा व दूसरों के अधिकारों की बात करे - दत्तशरणानंदजी

रायपुर
आज लोग केवल अपने अधिकारों की बातें करते हैं दूसरों के अधिकारों और उनकी व्यवस्थाओं के बारे में कोई बात नहीं करते। जो शासक है वह जल, वायु, वन, वनस्पतियों के उत्पादन उपयोग की बातें करते हैं लेकिन उसके रक्षण उसकी अवस्था उसके रहने - खाने के लिये कोई व्यवस्था या योजना नहीं बनाते। जो देवत्व है जिसके रक्षण से भगवान की रक्षा होती है जिसके घर में रहने से भगवान राधा-कृष्ण का वास रहता है ऐसी गौ माता की आज क्या दुर्दशा हो रही यह हम सब देख रहे हैं। व्यक्ति  केवल अपने मोह के मायाजाल में फंसकर अपने बारे में ही विचार कर रहा है।

गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा के गोऋषि स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज ने मारूति मंगलम भवन गुढि?ारी में शुक्रवार की रात में अपने प्रवचन के दौरान ये बातें गो भक्तों को बताई। वेद लक्षण गोप्रसाद यात्रा को लेकर शुक्रवार को 11 बजे गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा के गोऋषि स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज अपने गौ सेवकों के साथ रायपुर पहुंचे और शनिवार की सुबह वे अपने गंतव्य स्थान के लिये रवाना हुए। गोऋषि स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज ने कहा कि भगवान के पश्चात संत परमात्मा के अवतार हैं यदि संत आ गये तो साक्षात भगवान आ गये क्योंकि संत मार्गदर्शक होते हैं जो जीव को जीवन कैसा व्यतीत करना चाहिये इसके बारे में उनका सही मार्ग दर्शन करते हैं।

उन्होंने कहा कि गौ माता की महिमा है हमारे पूर्वज गो उपासक, रक्षक गौ से अप्रतीम प्यार करते थे वे दिन रात उनकी सेवा करते थे। गौ माता की कृपा से बुद्धि शुद्ध रहती है जो पकड़ में नहीं आता है उसे पकड़ लेती है। गौ माता साक्षात भगवान श्रीकृष्ण-राधा का स्वरूप है, गौ माता की सेवा याने भगवान श्रीकृष्ण व राधा की सेवा है। गौमाता के साथ भगवान श्रीकृष्ण ने लीलाएं की हैं, राजाओं ने ऋषियों ने स्वंय भगवान ने गौ माता का आश्रय लिया और वैभव प्राप्त किया। गौ माता का प्राकट्य अनादीकाल से है, गौ माता आदी शक्ति है जो भगवान के प्रेम भगवत का स्वरूप है। गोऋषि स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज ने कहा कि सुरभि गौ माता के एक  बूंद दूध से ही भगवानों का प्राकट्य और इस पूरे ब्रम्हांड की सृष्टि हुई है। वेदों में सुरभि गौमाता का वर्णन है वह आदी शक्ति है, गौ लोक का प्रतिनिधित्व प्राणियों का प्रतिनिधित्व करती है। देवलोक हो या प्राणी लोक गोमाता ही सबसे श्ुाद्ध है उसका गौमूत्र गोबर दूध सब कुछ शुद्ध है जिसका उपयोग उपभोग पवित्र कार्यों के लिये किया जाता है इसके अलावा सभी अशुद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य की शुरूआत करनी है तो गोधुली बेला में करनी चाहिये क्योंकि गोधुली बेला में किए गये कार्यो में कभी बाधाएं नहीं आ सकती।

प्रवचन से पूर्व गो हत्या रोकने पर बनी लघु वृत्तचित्र का प्रसारण
प्रवचन प्रारंभ होने से पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता योगेश अग्रवाल द्वारा गौ हत्या रोकने पर बनी संदेशात्मक 7 मिनट की लघु वृतचित्र का प्रसारण किया गया। जिसमें उन्होंने देश में हो रही गौ हत्याओं पर रोक लगाने लोगों को जागृत होने का संदेश दिया।

ये भी रहे उपस्थित
गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा के गोऋषि स्वामी श्रीदत्तशरणानन्दजी महाराज ने मारूति मंगलम भवन गुढि?ारी में हुए प्रवचन के दौरान यज्ञाचार्य बालक श्यामसुंदर, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष रामसुंदरदास महंत, शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर महाराज, राजीव लोचन महाराज जहां मंचस्थ थे। वहीं महावीर गौ शाला के रामजी लाल अग्रवाल, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विजय अग्रवाल, श्याम राठी, सुशील काबरा, प्रकाश माहेश्वरी सहित अन्य समाजसेवी व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
अनेक गौ भक्तों ने गौधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी बनने का संकल्प लिया जिन्हें महाराजद्वारा गौ प्रसाद प्रदान कर उनका अभिनंदन किया।
टीप : महाराजका सत्संग के दौरान स्वयं और श्रद्धालुओं के फोटो लेने पर मनाही थी। वे सिर्फ गौ माता को ही सबकुछ मानते है इसलिए प्रवचन की फोटो उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

 

Source : Agency

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