तीन कृषि कानून के खिलाफ छग में भी दिखा आक्रोश,हाइवे पर चक्का जाम
रायपुर
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ राजधानी के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग मंदिर हसौद, धमतरी, अभनपुर, बोरियाखुर्द के पास चक्का जाम किया गया। प्रदेश के कई जगहों पर चक्का जाम किए जाने की खबर है। वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप रहा। दूसरे राज्यों से पहुंचे वाहन भी जाम में फंस गए थे। जिससे दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। हालांकि चालक गिड़गिड़ाते भी रहे वाहनों की निकासी के लिए लेकिन प्रदर्शनकारी सड़क से नहीं हटे। किसानों की विभिन्न संगठनों को कांग्रेस व वामदल का समर्थन प्राप्त है।
अफसर किसानों से रास्ता खोलने की गुजारिश करते रहे,मगर किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ से जुड़े संगठनों ने शुक्रवार शाम ही चक्काजाम की तैयारी पूरी करते हुए इसका ऐलान कर दिया था। सिर्फ रायपुर ही नहीं बल्कि बालोद जिला में दल्ली राजहरा, धमतरी, मुंगेली, बिलासपुर, महासमुंद, भिलाई, राजनांदगांव, कोरबा, अम्बिकापुर आदि क्षेत्रों में चक्काजाम किया गया।
किसानों का ये चक्काजाम दिल्ली में जारी किसान आंदोलन को समर्थन है। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार के नाम पर लाए गए 3 कृषि व आम जनता विरोधी बिल की वापसी एवं फसलों की गारंटी की मांग को लेकर पंजाब हरियाणा व देश के हर हिस्से से विरोध की आवाज बुलंद की जा रही है। हम चाहते हैं कि तीन काले कानून केंद्र सरकार वापस ले। किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भाजपा द्वारा सुनियोजित ढंग से बदनाम किया जा रहा है । किसानों को आतंकवादी, नक्सली आदि बताकर अन्नदाता को अपमानित किया जा रहा है।
कृषि कानूनों को वापस लेने और किसानों को सम्मान देने जैसी मांगों के साथ स्थानीय कांग्रेस नेता नारेबाजी करते दिखे। भाटागांव संतोषी नगर हाइवे की सड़क को भी जाम कर दिया गया। यहां भी कांग्रेस का झंडा लिए नेता प्रदर्शन करते रहे।
किसानों के समर्थन में दुर्ग जिले में नेशनल हाईवे 7 स्थानों पर बाधित रहा। इसमें अंजोरा बाईपास, कोसानाला, सिरसागेट, कांजी हाउस कुम्हारी, नंदिनी में पथरिया मोड़, धमधा बस स्टैंड और फुण्डा मोड़, जामगांव में चक्काजाम रहा। नेशनल हाईवे-53 में अंजोरा से कुम्हारी तक भारी/मध्यम वाहनों का आवागमन पुलिस ने पूरी तरह से 3 घंटे के लिए बंद रखने का निर्णय लिया था। बंद को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से वाहनों के आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी।इसके अलावा कांग्रेस और किसान संगठनों ने बस्तर, धमतरी, अंबिकापुर, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा में भी प्रदर्शन किया।

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