Tuesday, October 20th, 2026

जब तक मांगे नहीं पूरी होती, नए साल का जश्न नहीं मनाएंगे: प्रदर्शनकारी किसान

नई दिल्ली
विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि वो नए साल 2021 का जश्न नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा है कि कृषि बिल का विरोध कर रहे हजारों किसान हम नए साल का जश्न तब तक नहीं मनाएंगे जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती है। पंजाब के रोपड़ से आए किसान हरजिंदर सिंह ने पीटीआई-भाषा से कहा, "जब तक सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती, तब तक हमारे लिए कोई नया साल नहीं है।" प्रदर्शनकारी किसान तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने को लेकर विरोध कर रहे हैं। 

किसानों का कहना है कि बुधवार को हुई बातचीत में सरकार ने बिजली बिल में बढ़ोतरी और पराली जलाने पर जुर्माना लगाने से जुड़ी चिंताओं का निदान करने का विश्वास दिलाया है लेकिन यह नए साल का जश्न मनाने के लिए काफी नहीं है।पंजाब के होशियारपुर के किसान हरमेश सिंह ने कहा, ''सरकार जिन दो मांगों पर सहमत हुई है वो अभी कानून नहीं हैं। उनका प्रभाव अभी तक महसूस नहीं किया गया था। और हम स्पष्टता के साथ मांगों को लेकर सरकार के पास गए थे। वे अपने हिसाब से चीजें तय नहीं कर सकते। वे हमेशा वही नहीं चुन सकते हैं और जो सूट करते है। 

उन्हें हमारी सभी बातें और मांगे सुननी होंगी।'' होशियारपुर से भूपिंदर सिंह ने कहा, "अगर सरकार हमारी ताकत देखना चाहती है, तो हम उन्हें दिखाएंगे। हमारे जैसे लोग जो 'कोठियों' (बंगलों) में रहते हैं, वे अब सड़क पर सो रहे हैं। हम एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं, हम विरोध कर सकते हैं।'' पंजाब के रोपड़ से आए किसान हरजिंदर सिंह ने ये भी कहा, इस साल अधिकांश किसान अपने परिवारों से दूर नए साल का स्वागत करेंगे, लेकिन वे शिकायत नहीं कर रहे हैं। ये बात सच है कि हमें अपने घरों की याद आ रही है, लेकिन यह भी हमारा परिवार भी है। ये सभी किसान हमारे भाई हैं और चाचा हैं।"जालंधर के गुरप्रीत हायर और भटिंडा के प्रताप सिंह ने नए साल में हम इस बार भी लोगों की सेवा करेंगे जैसे हमें पिछली बार किया था। गुरप्रीत ने कहा कि वह शुक्रवार को सभी किसानों के लिए "पगड़ी लंगर" लगाने के लिए गुरसिख सेवा सोसायटी के साथ काम करेंगे।

उन्होंने कहा, "हम नए साल का जश्न मनाएंगे। ऐसे कई किसान हैं जो पगड़ी बांधना नहीं जानते हैं, या पगड़ी बांधना नहीं जानते हैं। जो नहीं जानते उन्हें सिखाएंगे और जिनके पास पग नहीं है उन्हें देंगे। प्रताप ने कहा कि वह साल के पहले दिन, बंगला साहिब गुरुद्वारा जाते हैं और लंगर में सीना तानते हैं। इस साल भी मैं यही करूंगा।"

 

#प्रदर्शनकारी किसान

Source : Agency

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