Tuesday, October 20th, 2026

जनता से वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों पर लगेगी लगाम, लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर में बनेंगी विशेष अदालतें

लखनऊ

जनता से वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों पर लगाम लगाने को यूपी में तीन विशेष अदालत बनाई जाएंगी। इसके जरिये साइबर क्राइम के जरिये धन उड़ा ले जाने, बिल्डरों द्वारा रकम हड़प लेने और फर्जी वित्तीय संस्थाओं पर लग रोक लग सकेगी। ये अदालतें फिलहाल लखनऊ, नोएडा, गोरखपुर में स्थापित होंगी। इन अदालतों में वित्तीय मामलों से जुड़े आपराधिक मुकदमों की सुनवाई होगी। इससे पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा।

वहीं इस तरह की गतिविधियों में शामिल अपराधियों को जल्द सजा दिलाई जा सकेगी। इसके जरिए अपराधियों को अधिकतम दस साल की सजा या दस लाख रुपये का जुर्माना या दोनों सजा मिल सकेगी। इसका मकसद साइबर क्राइम के जरिए ठगी करने और गड़बड़ी करने वाले बिल्डरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करना है। इस दायरे में आवंटियों से धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर से जुड़े मामले भी इन अदालतों में आएंगे।

सूत्रों के मुताबिक अभी हर माह औसतन 100 शिकायतें बिल्डरों से जुड़ी आती हैं। यूपी में कार्यरत बहुराज्यीय सहकारी समितियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर अब तेजी से कार्रवाई होगी। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ईओडब्लू और यूपी पुलिस के बीच अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी।


संस्थागत वित्त विभाग के महानिदेशक शिव कुमार यादव के मुताबिक वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं। अब जनता के बीच जागरुकता अभियान  चलाया जाएगा। अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम 2019 के तहत बैनिंग एक्ट ग्रिवांस पोर्टल तैयार किया जाएगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री करेंगे। इसके जरिए कोई धोखाधड़ी का शिकार व्यक्ति इस पर शिकायत दर्ज कर सकता है। बैनिंग एक्ट के तहत हर जिले में विशेष अदालतों का गठन होगा। इसके लिए उच्च न्यायालय ने मंजूरी दे दी है।

 

Source : Agency

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