Wednesday, October 21st, 2026

कोविड-19 के बीच छत्तीसगढ़ ने स्वंय का राजस्व बढ़ाने किया सक्रिय प्रयास

रायपुर
कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु मार्च 2020 में लागू किये गये लॉकडाउन के कारण केन्द्र एवं राज्य दोनों के राजस्व प्राप्तियों में कमी को देखते हुये राज्य के स्वयं के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में सक्रिय प्रयास किये गये हैं।

आबकारी विभाग द्वारा लगाये गये विशेष आबकारी शुल्क, अतिरिक्त आबकारी शुल्क एवं गोठान शुल्क से लगभग 6 सौ करोड़ का अतिरिक्त राजस्व अपेक्षित है। जल संसाधन विभाग द्वारा जल कर की दरों में वृद्धि, राजस्व विभाग द्वारा पर्यावरण एवं अधोसंरचना उपकर की दरों में वृद्धि तथा परिवहन विभाग द्वारा नये चेक पोस्ट की स्थापना संबंधी प्रयासों से राज्य के राजस्व प्राप्तियों में सुधार अनुमानित है।

राज्य के आय-व्यय को संतुलित रखने की दृष्टि से व्यय में मितव्ययिता के भी प्रयास किये गये हैं। राज्य का सकल वित्तीय घाटा 17 हजार 461 करोड़ अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.56 प्रतिशत है। वर्ष 2021-22 हेतु कुल प्राप्तियां 97 हजार 145 करोड़ के विरूद्ध शुद्ध व्यय 97 हजार 106 करोड़ अनुमानित है। इन वित्तीय संव्यवहारों के फलस्वरूप 39 करोड़ की बचत अनुमानित है। वर्ष 2021-22 में 3 हजार 702 करोड़ का राजस्व घाटा अनुमानित है। वर्ष 2021-22 का वार्षिक वित्तीय विवरण तथा अनुदान की मांगे इन दो पंक्तियों के साथ सदन के समक्ष प्रस्तुत है:- रास्ते की अड़चनों से, हम कभी डरते नहीं। बात हो जब न्याय की, पीछे कभी हटते नहीं।

 

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Source : Agency

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