Wednesday, October 21st, 2026

कोरोना महामारी के कारण NPR के अपडेशन को किया गया स्थगित

नई दिल्‍ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में डिजिटल जनगणना को भी शामिल किया था। कोरोना महामारी के कारण देश की जनगणना के प्रथम चरण के लिए होने वाले एनपीआर के अपडेशन को स्थगित कर दिया गया है। बता दें कि इस बार देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होने जा रही है। उन्होंने कहा कि अब देश में डिजिटल जनगणना होगी और इसके लिए 3,768 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भारत के इतिहास में यह पहली डिजिटल जनगणना होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद पहल पर भी काम कर रही है। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि 2021 की जनगणना मोबाइल फोन एप्लिकेशन के माध्यम से की जाएगी, जिससे हमें कागज से डिजिटल जनगणना की तरफ जाने में मदद मिलेगी।
 
एनपीआर सामान्य रूप से भारत में रहने वालों या यूजुअल रेजिडेंट्स का एक रजिस्टर है। भारत में रहने वालों के लिए एनपीआर के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह भारतीयों के साथ भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए भी अनिवार्य होगा। एनपीआर का मक़सद देश में रहने वाले लोगों के व्यापक रूप से पहचान से जुड़ा डेटाबेस तैयार करना है। पहला एनपीआर 2010 में तैयार किया गया और इसे अपडेट करने का काम साल 2015 में घर-घर जाकर सर्वे के ज़रिए किया गय।


अब इसे एक बार फिर से अपडेट करने का काम 2020 में अप्रैल महीने से सितंबर तक 2021 की जनगणना में हाउसलिस्टिंग फेज के साथ चलेगा। इसे नागरिकता क़ानून 1955 और सिटिज़नशिप (रजिस्ट्रेशन ऑफ सिटिज़न्स एंड इश्यू ऑफ नेशनल आइडेंटिटी कार्ड्स) रूल्स, 2003 के प्रावधानों के तहत गाँव, पंचायत, ज़िला, स्टेट और राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा।

 

#कोरोना महामारी

Source : Agency

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