Tuesday, October 20th, 2026

कृषि कानूनों को डेढ़ वर्ष के लिए स्थगित किये जाने का प्रस्ताव किसानों के साथ धोखा - विकास


रायपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय ने मोदी सरकार द्वारा कृषि सुधार कानूनों के क्रियान्वयन को एक से डेढ़ वर्ष के लिए स्थगित किये जाने के प्रस्ताव को किसानों के साथ धोखा करना बताया है।उन्होंने कहा, मोदी सरकार किसानों के साथ आंखमिचौली खेल रही है।वह किसानों के साथ छल कर इसे जितना चाहती है और कहा, मोदी सरकार तो बस 18 महीने तक इस कानून को स्थगित करना इसलिए चाह रही है, क्योंकि इन 18 महीने में कई राज्यों के महत्वपूर्ण चुनाव खत्म हो जाएँगे।

विकास उपाध्याय ने कहा भाजपा को अब आम जानता से भय लगने लगा है। यही वजह है कि वह अब छल-कपट पर उतर आई है।किसानों की मूल माँग है, कानून को वापस लेने की और एमएसपी पर कानूनी गारंटी की। ना तो सरकार कानून वापस ले रही है और ना ही एमएसपी पर कोई गारंटी दे रही है। ऐसे में केन्द्र सरकार का यह प्रस्ताव किसानों के साथ छलावा के सिवाय और कुछ नहीं है। उपाध्याय आज अपने निवास में पत्रकारों से चर्चा के दौरान मोदी सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि भाजपा की मोदी सरकार देश में अलोकतांत्रिक तरीके से आम जनमानस की मंशा के विपरीत नियम कायदे बना कर उसे छल और कपट के सहारे लागू कर अपनी जीत सुनिश्चित करना चाह रही है। उन्होंने यह भी कहा,भाजपा अपने बहुमत में होने का हर बार नाजायज फायदा उठाना चाहती है और यह सिर्फ कृषी कानून तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इसके पूर्व भी कृषि से जुड़े भूमि अधिग्रहण कानून पर भी केंद्र सरकार पीछे हटी थी। तब मोदी सरकार को भारी विरोध के चलते बैकफुट पर आना पड़ा था।

उपाध्याय ने कहा,अब तक जिस कानून को किसानों के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हितकारी बताते नहीं थक रहे थे। मन की बात से लेकर किसानों को केंद्रीय कृषि मंत्री की चिट्ठी पढ?े की हिदायत तक दे रहे थे, एनडीए के पूर्व सहयोगी अकाली दल तक की उन्होंने परवाह नहीं की, उस पर 12 से 18 महीने तक स्थगित करने के लिए मोदी सरकार का राजी हो जाना, सरकार पर कई सवाल खड़े करता है। मोदी सरकार को बात समझ में आ गई कि किसान झुकने वाले नहीं हैं। वह ट्रेक्टर रैली से डर गई है और किसी तरह से झूठ  बोल कर 26 जनवरी के पहले किसान आंदोलन को खत्म करना चाहती है।

 

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Source : Agency

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