किसानों के लिए एकजुट हुए विपक्षी दल , राष्ट्रपति के अभिभाषण का बायकॉट
नई दिल्ली। किसान आंदोलन के बीच संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया। बजट सत्र की शुरुआत शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संबोधन से हुई। कांग्रेस समेत देश के 19 विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण के बहिष्कार किया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कई चुनौतियां हैं, लेकिन न हम रुकेंगे न भारत रुकेगा। अभिभाषण में राष्ट्रपति ने लाल किला हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा हिंसा के दौरान तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे पहले संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बीते साल सरकार ने बार-बार कई मिनी बजट पेश किए और इस नए बजट को उसी श्रृंखला में देखा जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि वैसे शायद भारत के इतिहास में पहली बार हुआ कि 2020 में एक नहीं, वित्त मंत्री को अलग अलग पैकेज के रूप में एक प्रकार से चार-पांच मिनी बजट देने पड़े। इसलिए यह बजट भी उन चार बजटों की श्रृंखला में देखा जाएगा, मुझे पूरा विश्वास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सत्र का भरपूर उपयोग हो और इसलिए सत्र में इस पूरे दशक को ध्यान में रखते हुए चचार्एं हो और सभी प्रकार के विचारों की प्रस्तुति हो और उत्तम मंथन से उत्तम अमृत प्राप्त हों, ये देश की अपेक्षाएं हैं।

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